काफ़्का की लोकप्रिय कहानियाँ : काफ्का द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – कहानी | Kafka Ki Lokpriya Kahaniyan : by Kafka Hindi PDF Book – Story (Kahani)

काफ़्का की लोकप्रिय कहानियाँ : काफ्का द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Kafka Ki Lokpriya Kahaniyan : by Kafka Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name काफ़्का की लोकप्रिय कहानियाँ / Kafka Ki Lokpriya Kahaniyan
Author
Category, , , ,
Language
Pages 74
Quality Good
Size 929 KB
Download Status Available

काफ़्का की लोकप्रिय कहानियाँ का संछिप्त विवरण : यह छोटी महिला मुझसे खुश नहीं रहती है, उसे हमेशा मुझमें कुछ-न-कुछ कमी दिखाई देती है। मैं हमेशा उसके साथ कुछ-न-कुछ गलत करता रहा हूँ, मैं हर कदम पर उसे नाराज करता रहा हूँ: अगर जीवन को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित किया जाए तथा इसके सभी टुकड़ों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाए तो मेरे जीवन का हर बचा टुकड़ा…….

Kafka Ki Lokpriya Kahaniyan PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Yah Chhoti Mahila mujhase khush nahin rahati hai, use hamesha Mujhamen kuchh-na-kuchh kami dikhayi deti hai. Main Hamesha uske sath kuchh-na-kuchh galat karata raha hoon, main har kadam par use Naraj karata raha hoon; Agar jeevan ko chhote-chhote tukadon mein vibhajit kiya jaye tatha iske sabhi tukadon ka alag-alag Moolyankan kiya jaye to mere jeevan ka har bacha tukada…….
Short Description of Kafka Ki Lokpriya Kahaniyan PDF Book : This little lady is not happy with me, she always finds something missing in me. I have always been doing something wrong with him, I have been offending him every step of the way; If life is divided into small pieces and all its pieces are evaluated separately, then every remaining piece of my life…….
“हर सुबह जब मैं अपनी आंखे खोलता हूं तो अपने आप से कहता हूं कि आज मुझमें स्वयं को खुश या उदास रखने का सामर्थ्य है न कि घटनाओं में। मैं इस बात को चुन सकता हूं कि यह क्या होगी। कल तो जा चुका है, कल अभी आया नहीं है। मेरे पास केवल एक दिन है, आज तथा मैं दिन भर प्रसन्न रहूंगा।” ग्रोचो मार्क्स
“Each morning when I open my eyes I say to myself: I, not events, have the power to make me happy or unhappy today. I can choose which it shall be. Yesterday is dead, tomorrow hasn’t arrived yet. I have just one day, today, and I’m going to be happy in it.” Groucho Marx

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment