हिंदी संस्कृत मराठी मन्त्र विशेष

मध्याह का क्षितिज जानकीप्रसाद बगरहट्टा / Madhyah Ka Kshitij Janakiprasad Bagarhatta

मध्याह का क्षितिज जानकीप्रसाद बगरहट्टा : गिरधारीलाल व्यास द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Madhyah Ka Kshitij Janakiprasad Bagarhatta : by Girdhari Lal Vyas Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मध्याह का क्षितिज जानकीप्रसाद बगरहट्टा / Madhyah Ka Kshitij Janakiprasad Bagarhatta
Author
Category, , , , , ,
Language
Pages 141
Quality Good
Size 3 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : किसी ने कुछ कहा, न किसी और से कोई चमक दिखाई दी न कोई पूर्व-निर्धारित योजना थी। बड़े-से रजिस्टर में लिखना किसी अन्य विषय पर शुरू किया था। बड़े-से बड़े रजिस्टर में लिखना किसी अन्य विषय पर शुरू किया था। सिर्फ चार पेज ही लिखे थे कि अकस्मात एक स्वत-स्फूर्त प्रेरणा उत्पन्न हुई कि………

Pustak Ka Vivaran : Kisi ne kuchh kaha, na kisi aur se koi chamak dikhai di na koi poorv-nirdharit yojana thee. Bade-se rajistar mein likhana kisi any vishay par shuroo kiya tha. bade-se bade rajistae mein likhana kisi any vishay par shuroo kiya tha. Sirph char pej hee likhe the ki akasmat ek svat-sphoort prerana utpann huyi ki………….

Description about eBook : Someone said something, did not show any glare or any pre-determined plan. Writing in a large register started on another topic. Writing in large registers started on another topic. Only four pages were w

“जीवन में दो मूल विकल्प होते हैं: स्थितियों को उसी रूप में स्वीकार करना जैसी वे हैं, या उन्हें बदलने का उत्तरदायित्व स्वीकार करना।” – डेनिस वेटले
“There are two primary choices in life: to accept conditions as they exist, or accept the responsibility for changing them.” – Denis Waitley

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment