नव-रत्न : बाबू कामताप्रसाद जी जैन द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – साहित्य | Nav Ratan : by Babu Kamtaprasad Ji Jain Hindi PDF Book – Literature (Sahitya)

नव-रत्न : बाबू कामताप्रसाद जी जैन द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - साहित्य | Nav Ratan : by Babu Kamtaprasad Ji Jain Hindi PDF Book - Literature (Sahitya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name नव-रत्न / Nav Ratan
Author
Category, , ,
Language
Pages 82
Quality Good
Size 2.5 MB
Download Status Available

नव-रत्न पुस्तक का कुछ अंश : ऋग्वेद में अपाला की कथा यदि पढने को मिलती है तो उपनिषद में जबाल सत्यकाम का वर्णन मिलता है | इस तरह आज से लगभग चार हजार वर्ष पहले कहानी मानव समजने प्रचलित प्रमाणिक होती है | किन्तु जैन मान्यता, कहानी के प्रचार विषयक प्राचीनता को और भी गहन ठहरती है…….

Nav Ratan PDF Pustak in Hindi Ka Kuch Ansh : Rgved mein apala ki katha yadi padhne ko milti hai to upanishad mein jabal satyakam ka varnan milta hai. Is tarah aaj se lagbhag char hajar varsh pahle kahani manav samajne prachalit pramanik hoti hai. Kintu jain manyata, kahani ke prachar vishayak prachinta ko aur bhi gahan thaharti hai…………
Short Passage of Nav Ratan Hindi PDF Book : If the story of Apala in Rig Veda gets read then the description of Jabal Satyacham is found in the Upanishad. Thus, about four thousand years ago, the story of human perception is provable. But Jain recognition, the pristine primate concerning the story becomes even more intense…………
“केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हमें अवश्य ही प्रयोग भी करना चाहिए। केवल इच्छा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें कार्य करना भी चाहिए।” गोएथ
“Knowing is not enough; we must apply. Willing is not enough; we must do.” Goethe

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