पटेल ने कहा था : डॉ. गिरिराज शरण द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – इतिहास | Patel Ne Kaha Tha : by Dr. Giriraj Sharan Hindi PDF Book – History (Itihas)

पटेल ने कहा था : डॉ. गिरिराज शरण द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - इतिहास | Patel Ne Kaha Tha : by Dr. Giriraj Sharan Hindi PDF Book - History (Itihas)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name पटेल ने कहा था / Patel Ne Kaha Tha
Author
Category, ,
Language
Pages 168
Quality Good
Size 2.3 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : बहुत दफे मेरे पर जो यह अटेक (आक्रमण) होता है कि यह तो विड़लाजी का साथी है, अमुक का साथी है, यह सब गलत है। मैंने जब से गांधीजी का साथ दिया, तब से यह एक प्रतिज्ञा ले लो कि अपनी मिल्कियत मैं कुछ नहीं रखूगा | यह उनके पास से मैंने सीख लिया और उससे बढ़कर सोशलिज्म कोई और नहीं मानता । गांधीजी के पास रहकर मैंने यह भी सीख लिया कि न राजाओं से दुश्मनी करना…….

Pustak Ka Vivaran : Bahut Daphe mere par jo yah atek (Aakraman) hota hai ki yah to vidalaji ka sathi hai, Amuk ka Sathi hai, Yah sab Galat hai. Mainne jab se Gandhiji ka sath diya, tab se yah ek pratigya le lo ki Apani milkiyat main kuchh nahin rakhooga . Yah Unake pas se mainne seekh liya aur usase badhakar soshalijm koi aur nahin manata . Gandheejee ke pas rahakar mainne yah bhee seekh liya ki na Rajaon se dushmani karana……….

Description about eBook : Very often the attack that happens on me is that it is the companion of Virlaji, the partner of so and so, it is all wrong. Ever since I supported Gandhiji, take a pledge that I will not keep anything I own. I learned this from him and no one believes socialism more than that. By staying with Gandhiji, I also learned not to be hostile to kings ………..

“शिक्षा किसी घड़े को भरने जैसा नहीं है, यह तो अग्नि प्रज्ज्वलित करने जैसा है।” डब्लू बी यीट्स
“Education is not the filling of a pail, but the lighting of a fire.” W.B. Yeats

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