सर्वोल्लासतंत्रम : एस. एन. खण्डेलवाल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – ग्रन्थ | Sarvollastantram : by S. N. Khandelwal Hindi PDF Book – Granth

सर्वोल्लासतंत्रम : एस. एन. खण्डेलवाल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - ग्रन्थ | Sarvollastantram : by S. N. Khandelwal Hindi PDF Book - Granth
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name सर्वोल्लासतंत्रम / Sarvollastantram
Author
Category, , , ,
Language
Pages 380
Quality Good
Size 108 MB
Download Status Not Available
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पुस्तक का विवरण : हे देवी ! शाक्ताचार के अतिरिक्त अन्य आचार शव के समान व्यर्थ है। अत: शाक्ताचार एकमात्र मूल है। हे देवी ! कामवद्ध जीवों को तुम ही मुक्ति देती हो मुक्त जीवों को बद्ध करने वाली भी तुम ही हो। अत : शाक्ताचार ही मूल है। हे देवी ! वीरसाधक यत्रपूर्वक शाक्ताचार की बुराई करने वालों का साथ छोड़कर गुरु द्वारा उपदिष्ट……..

Pustak Ka Vivaran : He Devi ! Shaktachar ke atirikt any aachar shav ke saman vyarth hai. At: shaktachar ekamatr mool hai. he devi! Kamavaddh jeevon ko tum hee mukti detee ho mukt jeevon ko baddh karane vali bhee tum hee ho. at : shaktachar hee mool hai. he devi ! veerasadhak yatnapoorvak shaktachar kee burai karane valon ka sath chhodakar guru dvara upadisht…………

Description about eBook : O Goddess! Apart from Shakachachar, other ethos is as meaningless as a corpse. Hence Shakachachar is the only root. O Goddess! You are the only liberating the living beings. You are also the one to liberate the free creatures. Hence Shakachachar is the root. O Goddess! Heroically diligently leaving the evil-doers of Shakchachar as specified by the Guru………………

“अपने सपनों को साकार करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है कि आप जाग जाएं।” ‐ पॉल वैलेरी
“The best way to make your dreams come true is to wake up.” ‐ Paul Valeri

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