सियाराम शरण गुप्त : डॉ. नगेन्द्र द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – जीवनी | Siyaram Sharan Gupt : by Dr. Nagendra Hindi PDF Book – Biography (Jeevani)

सियाराम शरण गुप्त : डॉ. नगेन्द्र द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - जीवनी | Siyaram Sharan Gupt : by Dr. Nagendra Hindi PDF Book - Biography (Jeevani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name सियाराम शरण गुप्त / Siyaram Sharan Gupt
Author
Category, , ,
Language
Pages 217
Quality Good
Size 17 MB
Download Status Available

सियाराम शरण गुप्त का संछिप्त विवरण : सियाराम ने अपनी बाल्य-स्मृति में जो कुछ लिखा है उसे मैंने अभी फिर एक बार पढ़ा। इसलिए कि उसी से कुछ मुझे मिल जाए। उनके सहारे मैं नगेन्द्र जी का आग्रह रख सकूँ। परन्तु जैसा उन्होंने लिखा है, मुझे स्मरण नहीं आता, मैंने उनकी कौन-सी प्रारम्भिक रचना ठीक की थी। हाँ, उनकी एक अन्य कविता उन्ही कौन-सी…

Siyaram Sharan Gupt PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Siyaram ne Apani baly-smrti mein jo kuchh likha hai use mainne abhi phir ek baar padha. Isaliye ki usee se kuchh mujhe mil jaye. Unake sahare main Nagendra jee ka Aagrah rakh sakoon. Parantu jaisa unhonne likha hai, mujhe smaran nahin aata, mainne unaki kaun-see prarambhik rachana theek kee thee. Han, unaki Ek any kavita unhi kaun-see………..
Short Description of Siyaram Sharan Gupt PDF Book : I just read once again what Siyaram has written in his childhood. So that I can get something from him. I can keep the request of Nagendra with the help of him. But as he has written, I do not remember which of his early works was correct. Yes, which one of his poems is the same………….
“लोग इसलिए अकेले होते हैं क्योंकि वह मित्रता का पुल बनाने की बजाय दुश्मनी की दीवारें खड़ी कर लेते हैं।” ‐ जोसेफ फोर्ट न्यूटन
“People are lonely because they build walls instead of bridges” ‐ Joseph fort Newton

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