सोयी हुई जातियाँ पहले जागेंगी : सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Soyi Hui Jatiyan Pahale Jagengi : by Surykant Tripathi Nirala Hindi PDF Book – Social (Samajik)

Book Nameसोयी हुई जातियाँ पहले जागेंगी / Soyi Hui Jatiyan Pahale Jagengi
Author
Category, ,
Pages 2
Quality Good
Size 89 KB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : गुलाम जाति का उत्थान भी गुलामी से होता है। जहाँ ब्राह्मण होंगे उसके उत्थान की जरुरत क्या है ? वह तो उठा हुआ है ही। उठने की जहाँ कहीं आवश्यकता हुई है, वहीँ मोह या दास्य का अंधकार रहा है। वहीँ स्वतंत्रता के आलोक की आवश्यकता हुई है – उठने के लिए। और, उस प्रभात में उठीं भी वे ही जातियां, जो रात के पहले से सोई हुई थी……….

Pustak Ka Vivaran : Gulam jati ka utthan bhee gulami se hota hai. jahan brahman honge usake utthan kee jarurat kya hai ? Vah to utha huya hai hee. Uthane kee jahan kaheen aavashyakata hui hai, vaheen moh ya dasy ka andhakar raha hai. Vahin svatantrata ke aalok kee aavashyakata huyi hai – uthane ke liye. Aur, us prabhat mein utheen bhee ve hee jatiyan, jo Rat ke pahale se soi hui thee…………

Description about eBook : The uplift of the slave caste also results from slavery. Where is the need for the upliftment of Brahmins? He is already up. Wherever there is a need to rise, there has been darkness of attachment or bondage. That’s where the light of freedom is needed – to rise. And, even those nations that awoke in the morning, slept before night………..

“लोग अपने कर्तव्य भूल जाते हैं लेकिन अपने अधिकार उन्हें याद रहते हैं।” ‐ इंदिरा गांधी
“People tend to forget their duties but remember their rights.” ‐ Indira Gandhi

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