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श्री धर्म्म कल्पद्रुम खंड - ४ / Shri Dharmm Kalpadrum Khand - 4

श्री धर्म्म कल्पद्रुम खंड – ४ : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Shri Dharmm Kalpadrum Khand – 4 : Hindi PDF Book – Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name श्री धर्म्म कल्पद्रुम खंड - ४ / Shri Dharmm Kalpadrum Khand - 4
Category, ,
Pages 418
Quality Good
Size 9 MB

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

पुस्तक का विवरण : चित्तवृत्ति निरोध के द्वारा आत्म साक्षात्कार लाभ करने के लिये अनुष्ठित द्वितीय श्रेणी की क्रियाओं का नाम हठयोग है | यह विषय स्मरण रखने योग्य है कि मन्त्र, हठ, लय, राज इन चारों प्रकार के योगों के भीतर जितने प्रकार की क्रियाएँ बताई गई है उनमें से अधिकांश क्रियाएँ गुप्त व गुरुमुखवेध होने के कारण प्रकाशित शास्त्रीय ग्रंथों में उनकी सम्यक्‌ विधियाँ नहीं मिल सकती हैं……….

Pustak Ka Vivaran : Chittavrtti nirodh ke dwara atm saakshatkaar labh karane ke liye anushthit dwtiy shrenee ke kriyaon ka naam hathayog hai. Yah vishay smaran rakhane yogy hai ki mantr, hath, lay, raaj in chaaron prakaar ke yogon ke bheetar jitane prakaar kee kriyaen bataee gayi hai unamen se adhikansh kriyaen gupt v gurumukhavedh hone ke karan prakashit shastriy granthon mein unakee samyak vidhiyan nahin mil sakati hain………….

Description about eBook : The name of the second-class verbs is to be named as Hatha Yoga, to benefit Self-realization through the detection of the mind. It is worth remembering that most of the actions of the activities of Mantra, Hatha, rhythm, Raj, and all these types of actions have been described, due to their secret and gurmukhvedha, their methods can not be found in classical texts published……………….

“हमारे कई सपने शुरू में असंभव लगते हैं, फिर असंभाव्य, और फिर, जब हममें संकल्पशक्ति आती है तो ये सपने अवश्यंभावी हो जाते हैं।” क्रिस्टोफर रीव
“So many of our dreams at first seem impossible, then seem improbable, and then, when we summon the will, they soon seem inevitable.” Christopher Reeve

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