तरक्की की राह : जॉन स्टुअर्ट मिल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Tarakki Ki Rah : by John Stuart Mill Hindi PDF Book – Social (Samajik)

तरक्की की राह : जॉन स्टुअर्ट मिल द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Tarakki Ki Rah : by John Stuart Mill Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name तरक्की की राह / Tarakki Ki Rah
Author
Category, ,
Pages 144
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

तरक्की की राह का संछिप्त विवरण : उस सम्प्रदाय का, जो उपयोगीतावाद या सब से अधिक आनन्द के सिद्धांत को आचार शास्त्र की भित्ति मानता है, कहना है कि जो काम जितना आनन्द की ओर ले जाता है उतना ही अच्छा है तथा जो काम आनन्द से जितनी विपरीत दशा में ले जाता है उतना ही बुरा है आनन्द से मतलब है सुख तथा कष्ट…..

Tarakki Ki Rah PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Us Sampraday ka, jo Upayogita vad ya sab se adhik Aanand ke siddhant ko aachar shastra kee bhitti manata hai, kahana hai ki jo kam jitana Aanand kee or le jata hai utana hee achchha hai tatha jo kam Aanand se jitani vipareet dasha mein le jata hai utana hee bura hai aanand se matalab hai sukh tatha kasht…………
Short Description of Tarakki Ki Rah PDF Book : The sect, which considers utilitarianism or the principle of maximum joy as the mural of ethics, is to say that the work that leads to joy is as good and the work which leads to joy in the opposite direction Only evil means happiness and suffering………..
“समस्या से बचने के लिए प्रार्थना न करें। अपनी सहज भावनाओं के लिए भी प्रार्थना न करें। प्रत्येक स्थिति में भगवान की मर्जी का पालन करने के लिए प्रार्थना करें। इससे अलावा किसी अन्य प्रार्थना का कोई मूल्य नहीं है।” ‐ सेम्यूल एम. शूमेकर
“Don’t pray to escape trouble. Don’t pray to be comfortable in your emotions. Pray to do the will of God in every situation. Nothing else is worth praying for.” ‐ Samuel M. Shoemaker

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