तत्त्व चिंतामणि : श्री जयदयालजी गोयन्दका द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – ग्रन्थ | Tattva Chintamani : by Shri Jaydayal Ji Goyandka Hindi PDF Book – Granth

तत्त्व चिंतामणि : श्री जयदयालजी गोयन्दका द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - ग्रन्थ | Tattva Chintamani : by Shri Jaydayal Ji Goyandka Hindi PDF Book - Granth
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name तत्त्व चिंतामणि / Tattva Chintamani
Author
Category, ,
Language
Pages 409
Quality Good
Size 19 MB
Download Status Available

तत्त्व चिंतामणि का संछिप्त विवरण : सत्य-सुख के विद्यातक जड़वाद के इस विकास-युग में, जहाँ ईश्वर और ईश्वरीय चर्चा को व्यर्थ बतलाने और मानने का दुसाहस किया जा रहा है, जहा परलोक का सिद्धांत कल्पना-प्रसूत समझा जाता है, जहाँ ज्ञान-वैराग्य-भक्ति की बातों को अनावश्यक और देश-जातिकी उन्नति में प्रतिबंधकरूप बतलाया जाता है…….

Tattva Chintamani PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Saty-sukh ke vidyatak jadvad ke is vikas-yug mein, jahan Ishvar aur Ishvariy charcha ko vyarth batlane aur manne ka dusahas kiya ja raha hai, jaha paralok ka siddhant kalpna-prasut samjha jata hai, jahan gyan-vairagy-bhakti ki baton ko anavashyak aur desh-jatiki unnati mein pratibandhakarup batlaya jata hai………..
Short Description of Tattva Chintamani PDF Book : In this development-era of truthlessness of truth-realization, where the God and the divine discussion is being misquided and miserable, where the principle of Parlok is considered imaginable, where knowledge of devoid of devotion Prevention of unnecessary and in the promotion of nation-zodiac……………..
“शिक्षक द्वार खोलते हैं; लेकिन प्रवेश आपको स्वयं ही करना होता है।” ‐ चीनी कहावत
“Teachers open the door; you enter by yourself.” ‐ Chinese proverb

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