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उपवास के प्रयोग / Upvas Ke Prayog

उपवास के प्रयोग : केशवकुमार ठाकुर द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - स्वास्थ्य | Upvas Ke Prayog : by Keshav Kumar Thakur Hindi PDF Book - Health (Swasthya)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name उपवास के प्रयोग / Upvas Ke Prayog
Author
Category
Language
Pages 219
Quality Good
Size 2.6 MB
Download Status Available

सभी मित्र हस्तमैथुन के ऊपर इस जरूरी विडियो को देखे, ज्यादा से ज्यादा ग्रुप में शेयर करें| भगवान नाम जप की शक्ति को पहचान कर उसे अपने जीवन का जरुरी हिस्सा बनाये|

उपवास के प्रयोग का संछिप्त विवरण : प्रत्येक मनुष्य तभी तक जीवित है , जब तक उसके जीवन में प्रकृति का अनुसरण है | औषधियों के द्वारा , किसी रोग को अच्छा करने की चेष्ठा करना, संपूर्ण शरीर को रोगी बनाना है | शरीर को निरोग करने के लिए पृकृति का अनुसरण ही सर्वोत्तम मार्ग है , उसमे आरोग्य करने की असीम शक्ति है | रोग-निवारण करने के लिए पृकृति जो उपचार करती है , उपवास उसका मूल साधन है……..

Upvas Ke Prayog PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Pratyek manushy tabhi tak jivit hai , jab tak uske jivan mein prakrti ka anusaran hai. Aushdhiyon ke dvara , kisi rog ko achcha karne ki cheshtha karna, sampurn sharir ko rogi banana hai. Sharir ko nirog karne ke lie prkrti ka anusaran hi sarvottam marg hai , usme arogy karne ki asim shakti hai. Rog-nivaran karne ke lie prkrti jo upchar karti hai , upvas uska mul sadhan hai…………
Short Description of Upvas Ke Prayog PDF Book : Every human being is alive as long as there is a nature in his life. Through medicines, making a good paste of the disease, making the whole body patient. To make the body healthy is the best way to follow the earth, it has immense power to take care of. To treat the disease, which is the treatment of the body, fasting is its basic means………………
“एक बार काम शुरू कर लें तो असफलता का डर नहीं रखें और न ही काम को छोड़ें। निष्ठा से काम करने वाले ही सबसे सुखी हैं।” ‐ चाणक्य
“Once you start a working on something, don’t be afraid of failure and don’t abandon it. People who work sincerely are the happiest.” ‐ Chanakya

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