हिंदी संस्कृत मराठी मन्त्र विशेष

विश्व प्रहेलिका / Vishva Prahelika

विश्व प्रहेलिका : मुनि महेन्द्र कुमार 'द्वितीय' द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Vishva Prahelika : by Muni Mahendra Kumar 'Dwitiya' Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name विश्व प्रहेलिका / Vishva Prahelika
Author
Category, ,
Language
Pages 412
Quality Good
Size 14 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : दर्शन, धर्म, संस्कृति, सभ्यता आदि सभी के अतीत को कुरेदा जाता है और वहाँ से जो भी यत्‌ किचित्‌ प्राप्त होता है, उसे वर्तमान से सुझाया जाता है । कुछ विद्वान केवल ऊपरी सतहों तक रह जाते हैं और कुछ अंतर की सुक्ष्मताओं के भेदन मे सफल होते है । वे अतीत को भी एक बार वर्तमान के सामने लाकर खडा कर देते हैं। उन्हे अपने कार्य पर प्रसन्नता होती है…….

Pustak Ka Vivaran : Darshan, dharm, sanskrti, sabhyata aadi sabhi ke ateet ko kureda jata hai aur vahan se jo bhi yat‌ kichit‌ prapt hota hai, use vartaman se sujhaya jata hai. Kuchh vidvan keval oopari satahon tak rah jate hain aur kuchh antar ki sukshmataon ke bhedan me saphal hote hai . Ve ateet ko bhee ek bar vartaman ke samane lakar khada kar dete hain. Unhe apane kary par prasannata hoti hai……

Description about eBook : Philosophy, religion, culture, civilization, etc., the past of all is scraped and whatever is received from there, it is suggested from the present. Some scholars remain only on the upper surfaces and some are successful in penetrating the subtleties of the difference. They also once again bring the past in front of the present. They take pleasure in their work…….

“अगर कोई छोटे मामलों में सच के प्रति लापरवाह होता है तो उस पर बड़े मामलों की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा सकती।” अल्बर्ट आइन्सटाइन
“Whoever is careless with the truth in small matters cannot be trusted with important matters.” Albert Einstein

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