ब्रह्म विनय: | Brahma Vinay
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है
ब्रह्म विनय: पुस्तक का कुछ अंश : आज के निरन्तर द्वन्द्व के युग में पुराणों का पठन मनुष्य को उस द्वन्द्व से मुक्ति दिलाने में एक निश्चित दिशा दे सकता है और मानवता के मूल्यों की स्थापना में एक सफल प्रयास सिद्ध हो सकता है। इसी उद्देश्य को सामने रखकर पाठकों की रुचि के अनुसार सरल, सहज और भाषा में पुराण साहित्य की श्रृंखला में यह ब्रह्म पुराण पुस्तक प्रस्तुत है। पुराण साहित्य भारतीय जीवन और साहित्य की अक्षुण्य निधि है। इनमें मानव जीवन के उत्कर्ष और अपकर्ष की अनेक गाथाएं मिलती हैं। अठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केन्द्र में रखकर पाप और पुण्य, धर्म और अधर्म, कर्म और अकर्म की गाथाएं कही गई हैं।
More spiritual blessings, more learning—start now
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | ब्रह्म विनय: | Brahma Vinay |
| Author | Pandit Madhusudan Ojha |
| Category | Spiritual PDF Book in Hindi Religious Books in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 204 |
| Quality | Good |
| Size | 47.9 MB |
| Download Status | Available |
“जब मैं चौदह साल का लड़का था, तब मेरे पिता इतने अज्ञानी थे कि मुझे उनका आसपास होना बिल्कुल नहीं पसंद था। लेकिन जब मैं इक्कीस का हुआ, तो मुझे बेहद आश्चर्य हुआ कि सात वर्षों में उन्होंने कितना कुछ सीख डाला था।” ‐ मार्क ट्वैन
“When I was a boy of fourteen, my father was so ignorant I could hardly stand to have the old man around. But when I got to be twenty-one, I was astonished at how much the old man had learned in seven years.” ‐ Mark Twain
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें
