अंक ज्योतिष : आचार्य वादरायण | Ank Jyotish : By Acharya Vadrayan Hindi Book
अंक ज्योतिष पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : आप यह निस्संकोच कह सकते हैं कि सभी प्रकार के ज्ञान का उद्गम किसी-न-किसी मानव मस्तिष्क से हुआ, परन्तु इसका अर्थ यह कदापि नहीं कि ज्ञान पहले विद्यमान नहीं था ज्ञान तो विद्यमान था, परन्तु उसका अन्वेषण तत्त्ववेत्ताओं ने ही किया। सूर्य, चन्द्रमा, सितारे, ग्रह, उपग्रह, अग्नि, वायु, जल आदि सभी तत्व पहले भी विद्यमान थे, परन्तु इनके सम्बन्ध में विस्तृत ज्ञान, उनके कार्य प्रभाव दूरियां और उनका अपनी कक्षाओं में स्थिर होना, कालान्तर में विभिन्न दिग्गज विद्वानों, कवियों, गुनियों और विज्ञानताओं द्वारा ही सुनिश्चित किया गया। सूर्य अपनी धुरी पर आरम्भ से ही घूम रहा है। चन्द्रमा और पृथ्वी की गतिविधियां भी सृष्टि का क्रम ही हैं। ग्रहों के कम और उनकी बाल का निर्धारण जिस विद्या द्वारा किया गया, वह खगोलशास्त्र कहलाया तथा ग्रहों की दशा महादशा, अन्तर्दशा एवं प्रभाव आदि का निर्धारण ज्योतिष द्वारा सम्भव हुआ।
इस प्रकार विभिन्न विद्याओं के ज्ञान का प्रादुर्भाव हुआ और उनकी शाखा प्रशाखाएं बनीं। इसी क्रम में ज्योतिष भी हस्तरेखा, न रमल और अंक विद्या आदि शाखाओं-प्रशाखाओं में बंटता गया। ज्योतिष के विषय में कहा जा सकता है कि बहुत यत्न से ही इस विद्या को सीधा जा सकता है, परन्तु अंक ज्योतिष के सम्बन्ध में यह बात नहीं। यूं तो ज्ञान के प्रत्येक क्षेत्र में श्रम करना पड़ता है, परन्तु अंक ज्योतिष एक ऐसी विद्या है, जिसे सामान्य समझ-बूझ का व्यक्ति भी थोड़ा सा यत्न करके सीख सकता है और स्वयं लाभ उठाने के साथ ही दूसरों का भी मार्गदर्शन कर सकता है।
कुछ लोग अंक ज्योतिष को पाश्चात्य देन मानते हैं, परन्तु यह उनका भ्रम है। अंक ज्योतिष मूलतः भारतीय विद्या है, परन्तु आजकल जिस रूप में यह भारत में प्रसिद्ध और प्रचलित हो रही है, इसका यह स्वरूप अवश्य ही पाव है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अंक ज्योतिष | Ank Jyotish |
| Author | Acharya Vadrayan |
| Category | Astrology Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 229 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हमें यह शिक्षा दी जानी चाहिए कि हमें किसी कार्य को करने के लिए प्रेरणा की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। कर्म करने से हमेशा प्रेरणा का जन्म होता है। प्रेरणा से शायद ही कर्म की उत्पत्ति होती हो।” ‐ फ्रेंक टिबोल्ट
“We should be taught not to wait for inspiration to start a thing. Action always generates inspiration. Inspiration seldom generates action.” ‐ Frank Tibolt
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












