अपश्चिम तीर्थंकर महावीर | Apashchim Tirthankara Mahaveer

अपश्चिम तीर्थंकर महावीर हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक का कुछ अंश : भारतीय संस्कृति की प्राणी करुणा से ओत-प्रोत जीवनधारा की अमल, अमर प्रवाह यात्रा का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रमण संस्कृति में साधुमार्ग का विशिष्ट महत्त्व है| साधुमार्गी परम्परा ने गुण पूजा के पवित्र भावों से समाज को प्रभावित करते हुए उत्कृष्ट पथ का दिशा निर्देश किया है|जीवन व्यवहारों को आत्मसंयम से निर्देशित कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की उन्नति हेतु मानव मात्र को दिशा बोध प्रदान करने वाली श्रमण संस्कृति की प्रतिनिधि धारा साधुमार्ग में ज्योतिर्धर, क्रांतदर्शी, शांत-क्रांति और समताधारी के सूत्रधार, आचार्यों के ज्योतिरत्न मलिका में वर्तमान शासन नायक, जिनशासन प्रद्योतक, सिरिवाल प्रतिबोधक, “आचार्य प्रवर १००८ श्री रामलालजी महाराज सा.” अद्भुत प्रतिभा और मेधा के धनी तथा आदर्श संगठन कौशल के साकार रूप है…..
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अपश्चिम तीर्थंकर महावीर | Apashchim Tirthankara Mahaveer |
| Author | Unknown |
| Category | Religious Books in Hindi PDF Jainism Book in Hindi PDF Most Popular Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 256, 312 |
| Quality | Good |
| Size | 25 MB |
| Download Status | Available |
“मेरी पीढ़ी की महानतम खोज यह रही है कि मनुष्य अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन कर के अपने जीवन को बदल सकता है।” विलियम जेम्स (१८४२-१९१०), अमरीकी दार्शनिक
“The greatest discovery of my generation is that a human being can alter his life by altering his attitudes.” William James (1842-1910), American Philosopher
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें