अर्हं ध्यान योग अहं से अर्हं की यात्रा : मुनि प्रणम्यसागर द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – योग | Arham Dhyan Yoga Aham Se Arham Ki Yatra : by Muni Pranamya Sagar Hindi PDF Book – Yoga

Book Nameअर्हं ध्यान योग अहं से अर्हं की यात्रा / Arham Dhyan Yoga Aham Se Arham Ki Yatra
Author
Category, ,
Language
Pages 200
Quality Good
Size 3.5 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : संसार का प्रत्येक प्राणी आत्मा, मन और शरीर आदि का एक संयोगी घटक है। प्रकृति का नियम है कि प्रत्येक कार्य कारण से ही होता है। कॉज एंड इफ़ेक्ट का सिद्धांत वैज्ञानिक मान्य है। हर इंसान को या जगत के प्रत्येक प्राणी मात्र को शरीर आदि मिलते है उनका निर्माण वह प्राणी स्वयं अपने से करता है। किसी भगवान……….

Pustak Ka Vivaran : Sansar ka pratyek prani aatma, man aur shareer aadi ka ek sanyogi ghatak hai. Prakrti ka niyam hai ki pratyek kary karan se hee hota hai. Cause and Effect ka siddhant vaigyanik manyata hai. Har insan ko ya avatar ke pratyek pranee matr ko shareer aadi milate hain unaka nirman vah pranee svayan apane se karata hai. Koi bhagavan………..

Description about eBook : Every creature in the world is a coincidental component of soul, mind and body etc. The law of nature is that every action is done by reason. The principle of cause and effect is scientific recognition. Every person or every creature of the avatar gets a body etc. They construct it by themselves. Any god………………

“आप जो अपने पीछे छोड़ जाते हैं वह पत्थर के स्मारकों पर गढ़ा नहीं बल्कि दूसरों के जीवन की यादों में बसा होता है।” पेरिकल्स
“What you leave behind is not what is engraved in stone monuments, but what is woven into the lives of others.” Pericles

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