10 प्रतिनिधि कहानियाँ : मन्नू भंडारी | 10 Pratinidhi Kahaniyan : By Mannu Bhandari Hindi Book
10 प्रतिनिधि कहानियाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : ‘दस प्रतिनिधि कहानियों’ सीरीज ‘किताबघर’ की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत कथा-जगत् किया जा रहा है इस सीरीज में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें जो पाठकों, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियां भी हों जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कथाकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप लेखक का एक वक्तव्य भी इस सीरीज के लिए आमंत्रित किया गया जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है।
“किताबघर’ गौरवान्वित है कि इस सीरीज के लिए अमन कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कथाकार मन्नू भंडारी ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं ‘अकेली’, ‘मजबूरी’, ‘तीसरा आदमी’, ‘नई नौकरी’, ‘असामयिक मृत्यु’, ‘बन्द दराजों का साथ’, ‘क्षम ‘तीसरा हिस्सा’, ‘त्रिशंकु’ तथा ‘शायद’ हमें विश्वास है कि इस सीरीज के माध्यम से पाठक सुविख्यात कथाकार मन्नू भंडारी की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद संतोष का अनुभव करेंगे।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | 10 प्रतिनिधि कहानियाँ | 10 Pratinidhi Kahaniyan |
| Author | Mannu Bhandari |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Kahaniyan Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 148 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“एक मनुष्य बहुत ही परिश्रमी हो कर भी हो सकता है अपने समय को सही तरीके से नहीं बिता रहा हो। इससे अधिक दुखद भूल करने वाला कोई नहीं हो सकता जो अपने जीवन का अधिकांश समय जीविका कमाने में व्यय कर दे।” ‐ हेनरी डेविड थोरो (१८१७-१८६२), लेखक
“A man may be very industrious, and yet not spend his time well. There is no more fatal blunderer than he who consumes the greater part of life getting his living.” ‐ Henry David Thoreau, naturalist and author (1817-1862)
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