सौरी की कहानियाँ : नवीन कुमार नैथानी | Sauri Ki Kahaniyan : By Naveen Kumar Naithani Hindi Book
सॉरी की कहानियाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : पारस पत्थर की बात सौरी के उन दिनों से जुड़ी है जिनके बारे में बहुत प्रामाणिक बातें हमारे पास नहीं हैं। उनकी बन्द और तंग दुनिया से बाहर क्या घट रहा है। शायद इससे भी सौरी के वाशिन्दे कोई वास्ता नहीं रखते थे। इतना तय है कि यह उन दिनों की बात है जब सौरी में बहुत सारे पर थे और घरों की गिनती घटते घटते तीस के आँकड़े पर नहीं पहुँची थी।
यह वृतान्त खोजराम के बारे में है खोजराम के होने तक, बल्कि उनसे एक पीढ़ी पहले ही, कई मर्द ऐसे हुए जिनका विवाह नहीं हो सका। इस अनर्थ की सबसे उपयुक्त व्याख्या यही थी कि उन दिनों सौरी के आस-पास विवाह योग्य सुन्दरियों का अभाव हो गया। कुछ किस्से ऐसे भी चले हैं कि सौरी में विवाह करके आयी सुन्दरियों के मापदंड में आसपास का सौन्दर्य खरा ही नहीं उतर पाया सौरी के अधिसंख्य लोग यही मानते आये कि पास पड़ौस के इलाकों में जिन घरों और परिवारों में सौन्दर्य की आभा योग्य वरों की प्रतीक्षा कर रही होगी, उन परिवारों का तन-मन ही सौरी से खट्टा हो गया था।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | सौरी की कहानियाँ | Sauri Ki Kahaniyan |
| Author | नवीन कुमार नैथानी / Naveen Kumar Naithani |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Entertainment Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 152 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“अपने शब्दों को ऊंचा करें, आवाज़ को नहीं। फूल बादलों के बरसने से खिलते हैं, गरजने से नहीं। ” – जलालुद्दीन रुमी
“Raise your words, not your voice. It is rain that grows the flowers, not thunder. ” – Jalaluddin Rumi
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