मोहन राकेश की यादगारी कहानियाँ : मोहन राकेश | Mohan Rakesh ki yadagari kahaniyan : By Mohan Rakesh Hindi Book
मोहन राकेश की यादगारी कहानियाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : मोहन राकेश नई कहानी आंदोलन के सशक्त हस्ताक्षर हैं। इन्हें हिन्दी नाटकों का अग्रदूत कहा जाता है, लेकिन नई कहानी के उद्भव और विकास में भी अग्रणी स्थान प्राप्त है।
8 जनवरी 1925 को अमृतसर में जन्मे मोहन राकेश को जीवन में कड़ा संघर्ष करना पड़ा और अपनी प्रतिभा के बल पर साहित्य में विशिष्ट स्थान बनाया।
समाज के संवेदनशील और समय के प्रवाह से अनुभूतिमय क्षण चुनकर उन दोनों के सार्थक संबंध को खोज निकालना मोहन राकेश की कहानियों की विषय-वस्तु है। उन्होंने अपने जीवन काल में सैकड़ों कहानियां लिखी, जो तत्कालीन पत्र-पत्रिकाओं में छपी और प्रसिद्धी की बुलंदी पर पहुंची। इन सभी कहानियों का संपादन स्व. राकेश की धर्मपत्नी श्रीमती अनीता राकेश की देख-रेख में मूल पाठ के साथ किया गया है। यही इस संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मोहन राकेश की यादगारी कहानियाँ | Mohan Rakesh ki yadagari kahaniyan |
| Author | Mohan Rakesh |
| Category | Kahani Kahaniyan Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 212 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“बीता कल आज की याद है, और आने वाला कल आज का स्वप्न।” खलील जिब्रान
“Yesterday is but today’s memory, and tomorrow is today’s dream.” Khalil Gibran
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