चार लम्बी कहानियाँ : डॉ. अरुणा सीतेश | Char Lambi Kahaniyan : By Dr. Aruna Sitesh Hindi Book
चार लम्बी कहानियाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : आठवें दशक में सर्जनात्मक लेखन प्रारंभ करके डॉ० अरुणा सीतेश ने हिंदी कन्या लेखिकाओं के दीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाई सहज शैली में, बनते-बिखरते पारिवारिक एवं सामाजिक संदर्भों का सजीव चित्रण उनकी विशेषता थी।
अरुणा जी की अधिकांश कहानियों नारी की गहन पतों में सैंजोई भावनाओं का चित्रण कुछ ऐसे प्रस्तुत करती है कि हमारे जाने पहचाने चरित्र आँखों के आगे सागीय होते चले जाते हैं, जिनमें पारंपरिक परिवार की बड़ी-बूटियों भी होती हैं और आज के जटिल दौर की महिलाएं भी क्या गृहिणी और क्या नई रोशनी की चकाचीच में अपनी पहचान तलाशती संघर्षरत नारियों, सभी के चित्रण पर उनकी पकड़ दी। इतना ही नहीं, नित नई महत्वकांदा और जीवन-मूल्यों की टकराहट के बीच जूझती, भटकती ठोकर खाती और अपना मार्ग बनाती नई पीढ़ी की कथा-व्यथा पर भी उनकी लेखनी साधिकार चलती रही।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | चार लम्बी कहानियाँ | Char Lambi Kahaniyan |
| Author | डॉ. अरुणा सीतेश / Dr. Aruna Sitesh |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Manovigyan Book in Hindi PDF Novel in Hindi PDF Book Spiritual PDF Book in Hindi Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 132 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जीवन में सफलता इतना अधिक प्रतिभा अथवा अवसर का विषय नहीं है जितना वह लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता और डटे रहने का है।” – सी. डब्ल्यू. वेंडटे
“Success in life is a matter not so much of talent or opportunity as of concentration and perseverance.” – C.W. Wendte
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