अपने चिकित्सक आप बने : सुन्द्रासन भाटिया | Apne Chikitsak Aap Bane : by Sundrasan Bhatia Hindi Book
अपने चिकित्सक आप बने पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : कित भए रोग बढ़ने से आज नई से नई ऐनिकल रही है जो कि काफी महंगी रहती हैं, इस वजह से हर समाप्त व्यक्ति की पहुंच इन तक नहीं है। ये दवाएं असरदार होती है इसमें कोई सन्देह नहीं व्यक्ति को लगता है यह बहुत जल्दी ठीक हो गया। जबकि वह बाहरी तौर पर तो ठीक हो जाता है, मगर पूर्णतः नहीं ये दवाएं रोग के नहीं कर पाती, उसे कुछ समय तक दवा देती है। कुछ समय बाद कई सा इफैक्ट्स के साथ या तो वही रोग पुनः हो जाता है या किसी अन्य रोग के रूप में मनुष्य को अस्वस्थ कर देता है। इन्ही कारणों से आज व्यक्ति का स्थान प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ता जा रहा है। इस पद्धति द्वारा मनुष्य वो से खर्च से ही विभिन्न बीमारियों से छुटकारा पा सकता है आवश्यकता है केवल इस प्रकार की अनुभूत जानकारी सुलभ होने की जिसका कि आज काफी अभाव है। इस तथ्य को ध्यान में रखकर प्रस्तुत पुस्तक में दर्जन भाटिया ने प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए भग सभी बीमारियां का प्राकृतिक साधनों मे सब्ज़ियों मसालों जड़ी बूटियों आदि के इलाज करने के सरल उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। आशा हे पाठकगण इस जानकारी से उप स्वस्थ होंगे।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अपने चिकित्सक आप बने | Apne Chikitsak Aap Bane |
| Author | Sundrasan Bhatia |
| Category | Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 160 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हर कोई दुनिया बदलने की सोचता है, लेकिन कोई भी अपने आपको बदलने की नहीं सोचता।” – लियो टालस्टाय
“Everyone thinks of changing the world, but no one thinks of changing himself.” – Leo Tolstoy
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