छः दिसंबर की रात : ॐ शिवराज द्वार हिंदी पुस्तक | Chhah December Ki Raat : By Om Shivraj Hindi Book
छः दिसंबर की रात पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : यह मेरी तीन कृतियों का संकलन है। ‘मन्दारमाला’ के साथ मैंने प्रथम बार माता सरस्वती के मन्दिर में प्रवेश किया था। यह संवत् 2016 वि. की घटना है। तपन’ का लेखन संवत् 2031 वि. में हुआ 6 दिसम्बर, 1992 ई. को जो कुछ हुआ जो कुछ देखा-सुना भोगा उसका वर्णन ‘छह दिसम्बर की रात’ में है। यह कृति 15 दिसम्बर, 1992 को ही रचित है। ‘मन्दारमाला’ की उषा सरस्वती (और प्रो. चन्द्रशेखर) तपन’ की अनुराधा (और वीरेश तथा छह दिसम्बर की रात’ की शकीला (और रहमान साहब, डॉ. शंकर प्रताप सिंह तथा सुधीर)- इन सब पात्रों का मेरे जीवन में अविस्मरणीय स्थान है। मुझको विश्वास है कि इनका साहचर्य पाठकों को सुखद अनुभूति प्रदान करेगा।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | छः दिसंबर की रात | Chhah December Ki Raat |
| Author | Om Shivraj |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 336 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जोखिम उठाइये! पूरी जिंदगी एक जोखिम है। सबसे आगे निकलने वाला व्यक्ति सामान्यतया वह होता है जो कर्म और दुस्साहस के लिए इच्छुक रहता है।” डेल कार्नेगी
“Take a chance! All life is a chance. The man who goes the furthest is generally the one who is willing to do and dare.” Dale Carnegie
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