स्पाउस – शादी का सच : सुचिता मीतल | Spouse – Shadi Ka Sach : By Suchita Meetal Hindi Book

स्पौसा - शादी का सच : शोभा डे | Spause - Shadi Ka Sach : By Shobha De Hindi Book
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है

स्पौसा – शादी का सच पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : पर्फेक्ट विवाह’ या ‘पर्फेक्ट जीवनसाथी’ जैसी कोई चीज़ नहीं होती। छोड़िए भी, यथार्थ में आइए ! अगर आप इस सिद्धांत में विश्वास करेंगे तो विवाह संस्था अपूर्ण लगेगी। ना ही यह जैसा कि कट्टर रोमांटिक दावा करते हैं—कोई श्रेष्ठ, देवीय और आदर्श संबंध है, दो तन, मन और आत्माओं का मिलन |
विवाह एक विचार है। घिसा-पिटा विचार इसे बनाते हैं। विवाह पगला देता है, जैसा विवाह वह है जो आप कि हर शादीशुदा व्यक्ति कहेगा। मुखी विवाह का कोई फ़ॉर्मूला नहीं है और ना ही किसी के पास सारे जबाव हैं। जब दो व्यक्ति विवाह करते हैं, तो उन्हें उम्मीद होती है कि उनकी शादी हमेशा, हमेशा कायम रहेगी। अक्सर ऐसा नहीं होता। हालात बुरी तरह बिगड़ सकते हैं, और बिगड़ते भी हैं। क्यों? शादी को टूटने से बचाने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है?

Access additional Hindi novels in PDF – just click

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name स्पाउस - शादी का सच | Spouse - Shadi Ka Sach
Author
CategoryNovel Book in Hindi PDF
Language
Pages 306
Quality Good
Download Status Not for Download
“हर सुबह जब मैं अपनी आंखे खोलता हूं तो अपने आप से कहता हूं कि आज मुझमें स्वयं को खुश या उदास रखने का सामर्थ्य है न कि घटनाओं में। मैं इस बात को चुन सकता हूं कि यह क्या होगी। कल तो जा चुका है, कल अभी आया नहीं है। मेरे पास केवल एक दिन है, आज तथा मैं दिन भर प्रसन्न रहूंगा।” ‐ ग्रोचो मार्क्स
“Each morning when I open my eyes I say to myself: I, not events, have the power to make me happy or unhappy today. I can choose which it shall be. Yesterday is dead, tomorrow hasn’t arrived yet. I have just one day, today, and I’m going to be happy in it.” ‐ Groucho Marx

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment