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दलित कहानी संचयन / Dalit Kahani Sanchayan

दलित कहानी संचयन : रमणिका गुप्ता द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Dalit Kahani Sanchayan : by Ramanika Gupta Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name दलित कहानी संचयन / Dalit Kahani Sanchayan
Author
Category, , , ,
Language
Pages 402
Quality Good
Size 32 MB
Download Status Available

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पुस्तक का विवरण : एक और दलित कथा भी है इतिहास में, जब चाणक्य जैसे ब्राह्मण ने बदला लेने के लिए एक दलित लड़के चन्द्रगुप्त को राजा बना दिया था। चन्द्रगुप्त में योग्यता थी राजा बनने की, तभी तो बना था वह राजा, मात्र चाणक्य के प्रयास से नहीं। यह दलितों की योग्यता की कहानी थी, चाणक्य के मन में दलित-प्रेम नहीं बल्कि राज्य के प्रति प्रतिशोध था, ख़ासकर राजा नन्द के प्रति चूँकि वह भी एक शुद्र ही था……..

Pustak Ka Vivaran : Ek Aur Dalit katha bhee hai Itihas mein, Jab Chanaky jaise Brahman ne badala lene ke liye Ek Dalit Ladake Chandragupt ko Raja bana diya tha. Chandragupt mein yogyata thee Raja banane kee, tabhee to bana tha vah Raja, Matr Chanaky ke prayas se nahin. Yah Daliton kee yogyata kee kahani thee, chanaky ke man mein dalit-prem nahin balki Rajy ke prati pratishodh tha, khaskar Raja Nand ke prati choonki vah bhee ek shudra hee tha………….
Description about eBook : There is another Dalit tale also in history, when a Brahmin like Chanakya made a Dalit boy Chandragupta king to take revenge. Chandragupta had the ability to become a king, then he was made a king, not just by Chanakya’s efforts. This was a story of the merit of Dalits, Chanakya did not have Dalit love but vengeance for the state, especially towards King Nand since he was also a Shudra …………
“विवेक के मामलों में बहुमत के नियम का कोई स्थान नहीं है।” मोहनदास करमचंद गांधी (1869-1948)
“In matters of conscience the law of majority has no place.” Mohandas Karamchand Gandhi (1869-1948)

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