एकादश रुद्र (शिव) / Ekadash Rudra (Shiv)

एकादश रुद्र (शिव) | Ekadash Rudra (Shiv)
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है

एकादश रुद्र (शिव) पुस्तक का कुछ अंश : तीनों लोकों का संहार करने वाले भगवान्‌ हर भीतर से सतोगुणी हैं, पर बाहर से तमोगुणी हैं। भगवान्‌ ब्रह्मदेव जो तीनों लोकों को उत्पन्न करते हैं, भीतर और बाहर उभयरूपमें रजोगुणी हैं और भगवान्‌ परब्रह्म शिव तीनों गुणों से परे हैं। इसका रहस्य यह है कि सुख का रूप सतोगुण है, दुःख का रूप तमोगुण और क्रियाका रूप रजोगुण है। भगवान्‌ विष्णु सृष्टि का पालन करते हैं, इसलिये देखने में तो सृष्टि सुखरूप प्रतीत होती है; परन्तु भीतर से अर्थात्‌ वास्तव में दुःखरूप होने  से विष्णु भगवान्‌का कार्य बाहर से सतोगुणी होनेपर भी तत्त्वतः तमोगुणी ही है। इसीलिये भगवान्‌ विष्णुके वस्त्राभूषण सुन्दर और सात्त्विक होनेपर भी स्वरूप श्यामवर्ण है………

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name एकादश रुद्र (शिव) / Ekadash Rudra (Shiv)
Author
CategoryReligious Books in Hindi PDF हिन्दू / Hinduism Hindi Books
Language
Pages 38
Quality Good
Size 30 MB
Download Status Available
“यदि आप अपरिमित में जाना चाहते हैं, तो पहले परिमित को अच्छे से जान लेने का प्रयत्न करें।” ‐ जोहेन वोल्फ़्गेंग गोथ
“If you wish to advance into the infinite, explore the finite in all directions.” ‐ Johann Wolfgang Goethe

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Leave a Comment