हिंदी संस्कृत मराठी मन्त्र विशेष

मानवता के झरने / Manavta Ke Jharane

मानवता के झरने : काका साहब कालेलकर द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - कहानी | Manavta Ke Jharane : by Kaka Sahab Kalelkar Hindi PDF Book - Story (Kahani)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मानवता के झरने / Manavta Ke Jharane
Author
Category, , , ,
Language
Pages 162
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Available

मानवता के झरने का संछिप्त विवरण : कानजी मान गया। मेरी बाते उसकी समझ में पूरी तरह आ गयी। नैतिक दृष्टि के साथ व्यवहार की बात भी किस प्रकार बराबर ठीक बैठती है, यह यदि उसको जँचा सकूँ तो शायद वह अपने जिस निर्णय पर टिका रहे और अगर फाँसी की सजा हुई भी तो वह बाद मे मुझे शॉप न दें, जिस खयाल से मैंने उससे कहा, “सच्ची बात कहने में नीति तो है ही, परन्तु व्यावहारिक लाभ………

Manavta Ke Jharane PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Kan ji man gaya. Meri bate usaki samajh mein poori tarah aa gayi. naitik drshti ke sath vyavhar ki bat bhi kis prakar barabar theek baithati hai, yah yadi usako jancha sakoon to shayad vah apane jis nirnay par tika rahe aur agar Fansi ki saja huyi bhi to vah bad me mujhe shaump na den, jis khayal se mainne usase kaha, “Sachchi bat kahane mein neeti to hai hi, parantu vyavaharik labh………..
Short Description of Manavta Ke Jharane PDF Book : Kanji agreed. My words became fully understandable to him. How can the matter of behavior with moral vision fit well, if I can catch it, then maybe he will not stick to me later on the decision he has made and even if he is hanged, the idea that I asked him to Said, “There is a policy in saying the truth, but practical benefits ……….
“एक मूल नियम है कि समान विचारधारा के व्यक्ति एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। नकारात्मक सोच सुनिश्चित रुप से नकारात्मक परिणामो को आकर्षित करती है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति आशा और विश्वास के साथ सोचने को आदत ही बना लेता है तो उसकी सकारात्मक सोच से सृजनात्मक शक्तियों सक्रिय हो जाती हैं- और सफलता उससे दूर जाने की बजाय उसी ओर चलने लगती है” – नार्मन विंसेन्ट पीएले
“There is a basic law that like attracts like. Negative thinking definitely attracts negative results. Conversely, if a person habitually thinks optimistically and hopefully, his positive thinking sets in motion creative forces — and success instead of eluding him flows toward him.” – Norman Vincent Peale

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