मशरिक़ी हूर : पं० राधेश्याम द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – नाटक | Mashariki Hoor : by Pt. Radheshyam Hindi PDF Book – Drama (Natak)

Book Nameमशरिक़ी हूर / Mashariki Hoor
Author
Category, , , , ,
Language
Pages 182
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

मशरिक़ी हूर का संछिप्त विवरण : शाह साहब-तुम मत सोचो । इन बातो के सोचने का काम इस बूढ़े फ़कीर पर छोड़ दो। किसी दिन तुम्हारी क्या, सारी दुनिया की समझ में आजायेगा, कि मैं तुमसे क्यो डाके डलवाता हूं ? शादियाबाद के जिज्ञावतन किए हुए एक कोमी रहनुमा को क्यो इस रास्ते पर चलाता हूँ ? मेरे अजीज, तुम डाकू नहीं…….

Mashariki Hoor PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Shah Sahab-Tum mat socho . In Baton ke sochane ka kam is boodhe fakeer par chhod do. Kisi din Tumhari kya, Sari Duniya kee samajh mein Aajayega, ki main tumase kyo dake dalavaata hoon ? Shadiyabad ke Jigyavatan kiye huye ek kaumi Rahanuma ko kyo is Raste par chalata hoon ? Mere Ajeej, Tum Dakoo Nahin ho……….
Short Description of Mashariki Hoor PDF Book : Mr. Shah, don’t think. Leave the thought of these things to this old fakir. Someday, what will your world understand, why I ask you to stop me? Why do I drive a curious community of Shadiabad on this path? My dear, you are not a dacoit ……….
“एक सफल व्यक्ति और असफल व्यक्ति में साहस का या फिर ज्ञान का अंतर नहीं होता है बल्कि यदि अंतर होता है तो वह इच्छाशक्ति का होता है।” ‐ विसेंट जे. लोम्बार्डी
“The difference between a successful person and others is not a lack of strength, not a lack of knowledge, but rather in a lack of will.” ‐ Vincent J. Lombardi

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