रत्न – उपरत्न नग – नगीना सम्पूर्ण ज्ञान : पं० कपिल मोहन द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – ज्योतिष | Ratna – Upratna Nag – Nageena Sampurn Gyan : by Pt. Kapil Mohan Hindi PDF Book – Astrology (Jyotish)

Book Nameरत्न – उपरत्न नग – नगीना सम्पूर्ण ज्ञान / Ratna – Upratna Nag – Nageena Sampurn Gyan
Author
Category, ,
Language
Pages 194
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : ज्योतिष और रत्न का आपस में बहुत गहरा सम्बन्ध है। मनुष्य सदा से ही तेज गति से उन्‍नति की ओर जाना चाहता है। सभी प्रकार की छोटी-बड़ी विपत्तियों से बचना चाहता है तथा वर्तमान समय में मनुष्य अपने जीवन में आने वाली घटनाओं के सम्बन्ध में जानना चाहता है। अत: ऋषियों महर्षियों ने भावी जीवन के सम्बन्ध में जानकारी हेतु अनेकों सिद्धान्तों को बनाया है……

Pustak Ka Vivaran : Jyotish Aur Ratn ka Aapas mein Bahut Gahara Sambandh hai. Manushy sada se hi Tej Gati se un‍nati ki or jana chahata hai. Sabhi prakar ki Chhoti-badi Vipattiyon se bachana chahata hai Tatha vartaman samay mein Manushy Apane jeevan mein Aane vali ghatanaon ke sambandh mein janana chahata hai. at: Rshiyon Maharshiyon ne bhavi jeevan ke sambandh mein jankari hetu anekon siddhanton ko banaya hai……..

Description about eBook : Astrology and gemstones have a very close relationship. Man always wants to move towards faster growth. Everyone wants to avoid all kinds of small and big calamities and in the present time man wants to know about the events in his life. Thus, the sages have made many theories for information regarding future life…….

“हम नश्वरता को प्राप्त होंगे, इसलिए कभी भी बाधारहित जीवन की प्रार्थना न करें। बल्कि भगवान से एक धैर्यवान हृदय प्रदान करने की प्रार्थना करें।” ‐ मेनान्डर
“Being mortal, never pray for an untroubled life. Rather, ask the God to give you an enduring heart.” ‐ Menander

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