रुद्रयामलम : डॉ. सुधाकर मालवीय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – तंत्र मंत्र | Rudryamalam : by Dr. Sudhakar Malviya Hindi PDF Book – Tantra Mantra

रुद्रयामलम : डॉ. सुधाकर मालवीय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - तंत्र मंत्र | Rudryamalam : by Dr. Sudhakar Malviya Hindi PDF Book - Tantra Mantra
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name रुद्रयामलम / Rudryamalam
Author
Category, ,
Language
Pages 740
Quality Good
Size 127 MB
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पुस्तक का विवरण : किन्तु वर्तमान पंडितगण इस पर संशय करते है। श्री शंकर की तांत्रिक रचनाओं में प्रपाजयसर प्रधान माना जाता है, उसके बाद सौंदर्य-लहरी प्रभुति को। आनंद लहरी की सौभाग्य-वर्धिनी टीका में श्री शंकर कृत एक ‘क्रम-स्तुति’ की बात मिलती है, जिसमे एक प्रसिद्ध श्लोक है, जिसका तात्पर्य………

Pustak Ka Vivaran : Kintu vartaman panditagan is par sanshay karate hai. Shree shankar kee tantrik rachanaon mein prapajayasar pradhan mana jata hai, usake bad saundary-laharee prabhuti ko. Anand laharee kee saubhagy-vardhinee teeka mein shree shankar krt ek kram-stuti kee bat milatee hai, jisame ek prasiddh shlok hai, jisaka tatpary…………

Description about eBook : But the current scholars doubt this. Prapajayasar is considered the chief in Tantric compositions of Sri Shankar, followed by the beauty-laurels Prabhuti. In Anand Lahiri’s Saubhagya-Vardhini Tika, Shri Shankar speaks of a ‘sequence of praise’, in which there is a famous verse, which implies………………

“वह व्यक्ति बुद्धिमान है जो उन वस्तुओं के लिए दुःख नहीं मनाता जो उसके पास नहीं हैं, लेकिन उनके लिए आनन्द मनाता है जो उसके पास हैं।” ‐ एपिक्टेट्स
“He is a wise man who does not grieve for the things which he has not, but rejoices for those which he has.” ‐ Epictetus

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