साँझ – सकारे : सुधाकर पाण्डेय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – उपन्यास | Sanjh – Sakare : by Sudhakar Pandey Hindi PDF Book – Novel (Upanyas)

साँझ - सकारे : सुधाकर पाण्डेय द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - उपन्यास | Sanjh - Sakare : by Sudhakar Pandey Hindi PDF Book - Novel (Upanyas)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name साँझ – सकारे / Sanjh – Sakare
Author
Category, , , ,
Language
Pages 250
Quality Good
Size 6 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : गोलादीनानाथ, बनारस में एक महिला रहती हैं, जिनका नियमित दर्शन काशी रहने पर रात में हो जाता है, और उनसे कुछ बातें भी हो जाती हैं | यदि उन बातों को रेकर्ड कर लिया जाय तो सुन कर लोगों को कहना पड़ेगा सब उपमा कवि रहहिं जुठारी | लेकिन प्रसन्नता और विषाद दोनों की बात यह हे कि अन्होंने अपना सब कुछ मुझे कब का अर्पित कर दिया…….

Pustak Ka Vivaran : Goladinanath, Banaras mein ek mahila rahati hain, Jinka niyamit darshan kashi rahane par rat mein ho jata hai, aur unase kuchh baten bhi ho jati hain . yadi un baton ko record kar liya jay to sun kar logon ko kahana padega sab upama kavi rahahin juthari. Lekin prasannata aur vishad donon ki bat yah hai ki anhonne apana sab kuchh mujhe kab ka arpit kar diya………

Description about eBook : Goladinanath lives in Banaras, a woman whose regular visit to Kashi is done at night, and some things are also said to her. If those things are recorded, then people will have to say and listen to all the poets. But it is a matter of both happiness and sadness that when they gave everything they had to me ……..

“किसी अन्य व्यक्ति की तुलना में अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्यरत रहने की आपकी इच्छा आपकी सर्वाधिक मूल्यवान सम्पत्ति हो सकती है।” ‐ ब्रिअन ट्रेसी
“Your most valuable asset can be your willingness to persist longer than anyone else.” ‐ Brian Tracy

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