संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास | Sanskrit Sahitya Ka Abhinav Itihas

संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास पुस्तक का कुछ अंश : संस्कृत साहित्य के इतिहास को विषय बनाकर अनेक ग्रन्थ भारतीय तथा विदेशी भाषाओं में पिछले दो सौ वर्षों में लिखे गये हैं। संस्कृत साहित्य के बहुश्रुत अध्येता प्रो० राधावललभ त्रिपाठी का यह ग्रन्थ इस विषय में ‘कतिपय नयी कड़ियाँ जोड़ता है और नये वातायन खोलता है। इसकी एक विशेषता संस्कृत साहित्य की विकास-यात्रा का उद्धवकाल, स्थापनाकाल, समृद्धिकाल और विस्तारकाल–इन चार क्रमिक सोपानों में विभाजन है। इस विभाजन के द्वारा इसमें वास्तव में एक ‘अभिनव’ इतिहास-दृष्टि उन्मीलित हुई है। यहाँ अनेक ऐसे श्रेष्ठ काव्यों का परिचय जोड़ा गया है, जो अब तक उपेक्षित या अल्पचर्चित रहे हैं। पद्यचूडामणि (बुद्धघोष) चक्रपाणिविजय……..
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास | Sanskrit Sahitya Ka Abhinav Itihas |
| Author | Radhavallabh Tripathi |
| Category | Historical Book in Hindi PDF History Book in Hindi Literature Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 583 |
| Quality | Good |
| Size | 101 MB |
| Download Status | Available |
“इस दुनिया में जो कुछ हम अर्जित करते हैं, उससे नहीं अपितु जो कुछ त्याग करते हैं, उससे समृद्ध बनते हैं।” – हैनरी वार्ड बीचर
“In this world it is not what we take up, but what we give up, that makes us rich.” – Henry Ward Beecher
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