संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास | Sanskrit Sahitya Ka Abhinav Itihas

संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास | Sanskrit Sahitya Ka Abhinav Itihas
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संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास पुस्तक का कुछ अंश : संस्कृत साहित्य के इतिहास को विषय बनाकर अनेक ग्रन्थ भारतीय तथा विदेशी भाषाओं में पिछले दो सौ वर्षों में लिखे गये हैं। संस्कृत साहित्य के बहुश्रुत अध्येता प्रो० राधावललभ त्रिपाठी का यह ग्रन्थ इस विषय में ‘कतिपय नयी कड़ियाँ जोड़ता है और नये वातायन खोलता है। इसकी एक विशेषता संस्कृत साहित्य की विकास-यात्रा का उद्धवकाल, स्थापनाकाल, समृद्धिकाल और विस्तारकाल–इन चार क्रमिक सोपानों में विभाजन है। इस विभाजन के द्वारा इसमें वास्तव में एक ‘अभिनव’ इतिहास-दृष्टि उन्मीलित हुई है। यहाँ अनेक ऐसे श्रेष्ठ काव्यों का परिचय जोड़ा गया है, जो अब तक उपेक्षित या अल्पचर्चित रहे हैं। पद्यचूडामणि (बुद्धघोष) चक्रपाणिविजय……..

पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name संस्कृत साहित्य का अभिनव इतिहास | Sanskrit Sahitya Ka Abhinav Itihas
Author
CategoryHistorical Book in Hindi PDF History Book in Hindi Literature Book in Hindi
Language
Pages 583
Quality Good
Size 101 MB
Download Status Available
“हमें यह सिखाया जाना चाहिए कि किसी कार्य को करने के लिए हमें प्रेरणा की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। कर्म से हमेशा प्रेरणा का जन्म होता है। प्रेरणा से कभी कभी ही कर्म का जन्म होता है।” – फ्रेंक टिबोल्ट
“We should be taught not to wait for inspiration to start a thing. Action always generates inspiration. Inspiration seldom generates action.” – Frank Tibolt

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