बच्चे की उत्तम देखभाल : डॉ. आर. के. सुनेजा | Bache Ki Dekhbhal : By Dr. R. K. Suneja Hindi Book
बच्चे की उत्तम देखभाल पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : मैं इस पुस्तक के प्रकाशन के लिये अपने माता पिता और अपनी पत्नी अमृत का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे इस कार्य को पूर्ण करने में प्रेरणा और शक्ति दी और परिवार के अन्य सदस्यों का भी काफी सहयोग मिला है। उनके बिना यह पुस्तक वैसी नहीं बन सकती भी, जैसी कि यह है।
मैं डॉ. एच. सी. गोयल डॉ. सुवीर, श्रीमती एस. माथुर और कई अन्य सहकर्मियों का भी उनके बहुमूल्य सुझावों के लिये आभारी हूँ इस पुस्तक में कई स्थानों पर विविध स्वोतों से लिये गये विचारों को लिया गया है और मैं उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुये यह खेद व्यक्त करता हूँ यदि व्यक्तिगत रूप से क्रेडिट देने में कोई चूक हुई हो। मैं अपने प्रकाशकों का विशेष रूप से आभारी हूँ जिन्होंने इस पुस्तक में विशेष रुचि ली और उत्तम सहयोग दिया।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | बच्चे की उत्तम देखभाल | Bache Ki Dekhbhal |
| Author | Dr. R.K. Suneja |
| Category | Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 298 |
| Quality | Bad |
| Download Status | Not for Download |
“एक मूल नियम है कि समान विचारधारा के व्यक्ति एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। नकारात्मक सोच सुनिश्चित रुप से नकारात्मक परिणामो को आकर्षित करती है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति आशा और विश्वास के साथ सोचने को आदत ही बना लेता है तो उसकी सकारात्मक सोच से सृजनात्मक शक्तियों सक्रिय हो जाती हैं- और सफलता उससे दूर जाने की बजाय उसी ओर चलने लगती है” – नार्मन विंसेन्ट पीएले
“There is a basic law that like attracts like. Negative thinking definitely attracts negative results. Conversely, if a person habitually thinks optimistically and hopefully, his positive thinking sets in motion creative forces — and success instead of eluding him flows toward him.” – Norman Vincent Peale
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