अदरक : राजकुमारी गुप्ता | Adarak : By Rajkumari Gupta Hindi Book
अदरक पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : अदरक, जिंजिबरेसी परिवार का प्रमुख सदस्य है। पौधा शाखाओं से युक्त हरा- भरा होता है। इसके फूल तथा फल कम ही दिखाई देते हैं। अति पुराने पौधे में यदा- कदा ही दिखाई देते हैं। फूल हरिताभ-जामुनी रंग के होते हैं। अदरक गूदेदार कन्द के समान पैदा होने वाली एक सब्जी है। जब इसके ऊपर के पत्ते सूख जाते हैं तब अदरक को मिट्टी में से खोद कर निकाल लिया जाता है। पकने पर इसके छिलके का रंग मिट्टी जैसा पीला भूरा हो जाता है। इसकी गाँठों का व्यास 1 से 3 इंच तक होता है। अदरक में एक विशेष प्रकार की सौंधी गंध होती है। अदरक प्रायः बारहों महीने उपलब्ध होने वाली सब्जी या मसाला है। अदरक दो प्रकार का होता है- रेशेदार या बिना रेशे वाला। बिना रेशे वाला अदरक श्रेष्ठ माना जाता है, किन्तु दोनों के गुण लगभग समान होते हैं।
प्रकृति प्रदत्त तीखा, चटपटा स्वादिष्ट, रुचिकर होने के साथ-साथ उपयोगी, पौष्टिक, बलवर्द्धक, पाचक, वीर्यजनक अदरक का उपयोग प्राचीनकाल से व्यापक रूप में होता आ रहा है। प्राचीन ग्रंथों, विशेषकर आयुर्वेद ग्रंथों में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है। इसकी उत्पत्ति भारत से मानी जाती है। भारत से चीन में और चीन से यूरोप में फैल गई। प्राचीन काल से ही भारत और चीन में इसका प्रयोग मसाले और औषधियों में होता रहा है। यूनान के प्राचीन चिकित्सकों ने भी इसका प्रयोग अनेक रोगों को दूर करने में किया था।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अदरक | Adarak |
| Author | राजकुमारी गुप्ता / Rajkumari Gupta |
| Category | Ayurvedic Books in Hindi Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 72 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जीवन के बारे में एक मजेदार बात यह है कि यदि आप सर्वश्रेष्ठ वस्तु से कुछ भी कम स्वीकार करने से इंकार करते हैं तो अकसर आप उसको प्राप्त कर ही लेते हैं।” ‐ डब्ल्यू. सोमरसेट मोघम
“It’s a funny thing about life; if you refuse to accept anything but the best, you very often get it.” ‐ W. Somerset Maugham
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