मैं कलाम बोल रहा हूं : प्रशांत गुप्ता | Main Kalam Bol Raha Hu : By Prashant Gupta Hindi Book
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मैं कलाम बोल रहा हूं पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : जिम्मेदार, साधारण, ईमानदार और परिश्रमी लोगों को ईश्वर स्वयंसम्मानित करते हैं क्योंकि उसकाकहना है कि ये लोग उसकी प्रकृति की सर्वोत्तम कृति हैं। सादगी और कड़ी मेहनत को अपनाइए, सफलता का यही एकमात्र रास्ता है।
• परिवर्तन निर्णायक होता है। इससे नए विचार सामने आते हैं; नए विचारों से ही नए कार्यों का रास्ता प्रशस्त होता है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मैं कलाम बोल रहा हूं | Main Kalam Bol Raha Hu |
| Author | Prashant Gupta |
| Category | Biography Book in Hindi Literature Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 144 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है।” ‐ हेनरी ड्रम्मन्ड
“Unless a man undertakes more than he possibly can do, he will never do all that he can.” ‐ Henry Drummond
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