नारी सौंदर्य : ज्योति शर्मा | Nari Saundarya : By Jyoti Sharma Hindi Book
नारी सौंदर्य पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : त्वचा शरीर का आवरण है त्वचा शरीर के लिए रक्षा कवच है। मगर यदि त्वचा सुन्दरन होकर, भले ही अन्दरूनी ढाँचे की रक्षाकरती रहे, उससे कोई लाभ नहीं। ऐसा शरीर आकर्षण का केन्द्र नहीं बन सकता। उसमें कोई भी दूसरा व्यक्ति रुचि नहीं लेता। आज हम सुन्दर देखना चाहते हैं सुन्दर ही दिखना चाहते हैं। हम सुन्दर नहीं दिखेंगे तो हमें कोई नहीं देखेगा। इससे हम अपनली अवहेलना समझने लगते हैं। यह है भी सच्चाई। फिर ऐसा मौका ही न आने दें, तभी अच्छा।
हम सुन्दर तभी दिखेंगे जब हम स्वस्थ होंगे। हमारे सभी अंग क्रियाशील होंगे। शरीर के अन्दर रक्त सही दौरा करता रहेगा। इसके लिए हमारी खुराग ठीक होनी चाहिए। हमारा आहार सन्तुलित तथा सुपाच्य होना चाहिए। शरीर की आवश्यकताएँ पूरी होनी चाहिए। भोजन में सभी तत्व है। तत्त्वों की कमी भी हानिकारक है तो अधिकता भी सही अनुपात में सभी तत्त्व मिलें, तभी तो यह कहलाएगा सन्तुलित भोजन बनाएगा शरीर को पुष्ट देगा सौन्दर्य भी।
यहाँ हम जान लेते हैं कि हमारे शरीर को किन-किन आवश्यक तत्त्वों की जरूरत है। यदि इनमें कमी आ जाए तो क्या होता है। इन तत्त्वों को प्राप्त करने के लिए हमें अपने आहार में क्या सेवन करना चाहिए कमी दूर कर उत्तम स्वास्थ्य पाना जरूरी।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | नारी सौंदर्य | Nari Saundarya |
| Author | बबीता शर्मा / Babita Sharma, ज्योति शर्मा / Jyoti Sharma |
| Category | Beauty Tips Book in Hindi PDF Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 140 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि मैं उदास महसूस करती हूं तो मैं काम पर चली जाती हूं। काम में व्यस्तता उदासी का उत्तम प्रतिकार है।” ‐ एलेनोर रूजवेल्ट
“If I feel depressed, I go to work. Work is always an antidote to depression.” ‐ Eleanor Roosevelt
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