Priyanjali : By Meena Sapre Hindi Book | प्रियांजलि : मीना सप्रे द्वारा हिंदी पुस्तक
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प्रियांजलि पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
आश्चर्य से उसे देखते हुए, आँसुओं से भीगी अपनी तेजस्वी आँखें पोंछ डालीं। उनके चेहरे पर की विलक्षण आभा से न चाहकर भी शिल्पा एक बार प्रभावित हो गई। युवा एस. पी. देवशरण शुक्ला यशोदीप के आगे सिर झुकाकर बैठा था। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। लेकिन आज वेदना की धारा को शिल्पा स्पष्ट रूप से देख रही थी। वह चाहती थी सिर अपने गोद में लेकर अपने दुपट्टे से उसका आन्तरिक रुदन लेकिन यह सब वह कैसे करे? वहाँ आसनस्थ थे, कलेक्टर शिल्पा, शरण और कमिश्नर यशोदीप, अधिकारी, परिचित और अन्य कुछ नहीं किया जा सकता इस समय
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | प्रियांजलि | Priyanjali |
| Category | Literature Book in Hindi Novel in Hindi PDF Book |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 220 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हम अपने विगत काल के बारे में सोच-सोच कर ही अपना भविष्य बिगाड़ बैठते हैं।” ‐ पर्सियस
“We consume our tomorrows fretting about our yesterdays.” ‐ Persius
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