Priyanjali : By Meena Sapre Hindi Book | प्रियांजलि : मीना सप्रे द्वारा हिंदी पुस्तक
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है
प्रियांजलि पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
आश्चर्य से उसे देखते हुए, आँसुओं से भीगी अपनी तेजस्वी आँखें पोंछ डालीं। उनके चेहरे पर की विलक्षण आभा से न चाहकर भी शिल्पा एक बार प्रभावित हो गई। युवा एस. पी. देवशरण शुक्ला यशोदीप के आगे सिर झुकाकर बैठा था। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। लेकिन आज वेदना की धारा को शिल्पा स्पष्ट रूप से देख रही थी। वह चाहती थी सिर अपने गोद में लेकर अपने दुपट्टे से उसका आन्तरिक रुदन लेकिन यह सब वह कैसे करे? वहाँ आसनस्थ थे, कलेक्टर शिल्पा, शरण और कमिश्नर यशोदीप, अधिकारी, परिचित और अन्य कुछ नहीं किया जा सकता इस समय
Want more Hindi novels in PDF? Click here to download.
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | प्रियांजलि | Priyanjali |
| Category | Literature Book in Hindi Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 220 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जब दूसरे व्यक्ति सोए हों, तो उस समय अध्ययन करें; उस समय कार्य करें जब दूसरे व्यक्ति अपने समय को नष्ट करते हैं; उस समय तैयारी करें जब दूसरे खेल रहे हों ; और उस समय सपने देखें जब दूसरे केवल कामना ही कर रहे हों।” विलियम आर्थर वार्ड
“Study while others are sleeping; work while others are loafing; prepare while others are playing; and dream while others are wishing.” William Arthur Ward
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












