डीप वर्क : कैल न्यूपोर्ट द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Deep Work : by Cal Newport Hindi Audiobook
Deep Work Hindi Audiobook का संक्षिप्त विवरण : ज्यूरिख झील के उत्तरी किनारे पर सेंट गैलन के स्विस प्रांत में बोलिंगेन नाम का एक गाँव है। सन 1922 में मनोचिकित्सक कार्ल युंग ने एकांत में समय बिताने के लिए इस गाँव में एक भवन का निर्माण शुरू कराया। उन्होंने इस निर्माण कार्य की शुरुआत दो मंजिला पत्थर का घर बनवाकर की। इस घर को उन्होंने ‘टावर’ का नाम दिया। इसके बाद जब वे भारत यात्रा पर गए, तो उन्होंने एक विशेष चलन पर गौर किया कि भारतीय लोग अपने घर में ध्यान करने के लिए एक कमरा अलग से रखते हैं। इस यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने ‘टावर’ नामक अपने घर का विस्तार करते हुए, उसमें एक निजी कालय का निर्माण कराया। इस स्थान के बारे में युंग का कहना था, “मैं यहाँ बिलकुल अकेला होता हूँ और इसकी चाभी हमेशा अपने साथ रखता हूँ; मुझसे पूछे बिना किसी को भी यहाँ आने की अनुमति नहीं है।”
पत्रकार मेसन क्यूरी ने अपनी किताब डेली रिचुअल्स में विभिन्न स्रोतों की मदद से कार्ल युंग की मनोचिकित्सा संबंधी कार्य से जुड़ी आदतों का एक खाका खींचा है। क्यूरी बताते हैं कि ‘टावर’ में युंग रोज सुबह सात बजे जागते थे और नाश्ते के बाद अपने निजी कालय में दो घंटे तक पूरी एकाग्रता के साथ लेखन कार्य करते थे। फिर दोपहर के समय वे आमतौर पर या तो ध्यान करते या फिर आसपास के ग्रामीण इलाकों में टहलने निकल जाते। ‘टावर’ में बिजली की सुविधा नहीं थी इसलिए दिन के आखिर में जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता, वहाँ रोशनी के लिए तेल के लैम्प और घर को गर्म रखने के लिए चिमनी जला दी जाती। अंततः: रात दस बजे तक युंग सोने चले जाते। टावर में रहने के बारे में उनका कहना था, ‘इस घर में मुझे शुरू से ही आराम और शांति का बड़ा प्रबल एहसास होता रहा है।’ बोलिंगेन के इस भवन को छुट्टियाँ बिताने के लिए बनाए गए घर के रूप में देखना स्वाभाविक है, लेकिन अगर हम इसे युंग के उस दौर के कैरियर के संदर्भ में देखें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने अपने कामकाज से भागने के लिए इस घर का निर्माण नहीं कराया था। सन 1922 में युंग ने जब यह संपत्ति खरीदी, तब उनके पास छुट्टियाँ लेने का समय ही नहीं था। इसके सिर्फ एक साल पहले सन 1921 में उन्होंने ‘साइकोलॉजिकल टाइप्स’ शीर्षक से एक बेहद प्रभावशाली किताब लिखी थी। इस किताब ने युंग और उनके एक जमाने के दोस्त व मार्गदर्शक सिम्मंड फ्रायड (जिन्हें आज मनोविश्लेषण के पितामह के रूप में जाना जाता है) के बीच लंबे समय से बढ़ रहे मतभेदों को और तीखा बना दिया था। 1920 के जमाने में सिम्मंड फ्रायड के विचारों से असहमत होना बड़ा ही साहसी कदम था। अपनी इस किताब को बौद्धिक समर्थन देने के लिए यह ज़रूरी था कि युंग चौकस रहें और आगे भी कई जोरदार लेख व किताबें लिखते रहें। अपने इन्हीं प्रयासों के चलते वे विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान की बुनियाद रख सके, जिसे आज मनोविज्ञान के क्षेत्र में युंग की विचारधारा या दर्शन के रूप में जाना जाता है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| AudioBook Name | डीप वर्क / Deep Work |
| Author | Cal Newport |
| Category | Hindi Audiobooks Motivational Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Duration | 29:42 mins |
| Source | Youtube |
“संभावनाओं की सीमाओं का पता लगाने का एकमात्र रास्ता है कि उनसे आगे बढ़कर असंभव तक पहुंचा जाए।” ‐ आर्थर सी. क्लार्क
“The only way of finding the limits of the possible is by going beyond them into the impossible.” ‐ Arthur C. Clarke
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