मेजर व्हाट मैटर्स : जॉन डोअर द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Measure What Matters : by John Doerr Hindi Audiobook

मेजर व्हाट मैटर्स : जॉन डोअर द्वारा हिंदी ऑडियो बुक | Measure What Matters : by John Doerr Hindi Audiobook
पुस्तक का विवरण / Book Details
AudioBook Name मेजर व्हाट मैटर्स / Measure What Matters
Author
Category,
Language
Duration 1:44 hrs
Source Youtube

Measure What Matters Hindi Audiobook का संक्षिप्त विवरण : काश यह किताब मेरे पास उन्नीस साल पहले होती, जब हमने गूगल की स्थापना की थी या उससे भी पहले, जब मेरे ऊपर सिर्फ खुद को संभालने की जिम्मेदारी थी, न कि एक मल्टीनेशनल कंपनी को संभालने की! भले ही मुझे ‘प्रक्रिया’ से सख्त नफरत हो, लेकिन सच तो ये है कि अच्छे विचारों के बेहतरीन अमल से ही जादुई परिणाम मिलते हैं और इसी बिंदु पर बात आती है ओकेआर (ऑब्जेक्टिव्स एंड की-रिजल्ट्स उद्देश्य और मुख्य परिणाम) की। सन 1999 की बात है, जब जॉन डोअर ने आकर हमें ऑब्जेक्टिव्स और की-रिजल्ट्स पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे हमें अपनी कंपनी का संचालन, इंटेल कंपनी में काम करने के उनके अनुभवों के आधार पर करना चाहिए। हम जानते थे कि इंटेल का संचालन अच्छी तरह हो रहा है। जॉन की सहजज्ञान से भरपूर बातें हमें काफी अर्थपूर्ण लगीं इसलिए हमने तय किया कि हम भी इसे एक बार आज़माकर देखेंगे। मुझे लगता है कि हमारा यह निर्णय अब तक काफी कारगर रहा है। ओकेआर एक आसान सी प्रणाली है, जो विविध संगठनों के विकास में सहायक है। हमने वर्षों तक इसका उपयोग करते हुए इसे अपनी ज़रूरत के अनुसार ढाल लिया है। आप इसे एक मूल योजना के तौर पर देखें। अपने कामकाज के संदर्भ में आप जो कुछ भी होते हुए देखना चाहते हैं, उसके आधार पर इसे अपनी ज़रूरत के अनुसार ढाल लें !

ओकेआर के जरिए लीडर्स अपने संगठन की बारीकियों में झाँक सकते हैं। इनसे आपको किसी विचार या बदलाव का प्रतिरोध करने के लिए एक उत्पादक तरीका भी मिलता है। उदाहरण के लिए आप यह सवाल पूछ सकते हैं: ‘यूट्यूब पर किसी वीडियो को फौरन लोड क्यों नहीं किया जा सकता? क्या यह सुविधा देना, अगली तिमाही के किसी अन्य वर्तमान लक्ष्य से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है?’ जॉन डोअर ने इस किताब के उपसंहार में बिल कैम्पबेल को बड़े ही शानदार ढंग से याद किया है। मुझे खुशी है कि मैं उन्हें याद करने के इस जश्न में शामिल हो सका। बिल बेहद गर्मजोश और खेही स्वभाव के व्यक्ति थे और वे हमेशा सही साबित होते थे – खासकर लोगों के मामले में। वे कभी भी किसी को ये बताने से नहीं हिचकते थे कि वह कि- तना बेहूदा और बकवास व्यक्ति है। इसके बावजूद भी लोग उन्हें पसंद करते थे। मुझे बिल के साप्ताहिक उग्र भाषणों की बड़ी याद आती है। हर किसी के जीवन में एक बिल केम्पबेल होना चाहिए – या कम से कम हमें खुद ही कुछ हृद तक बिल कैम्पबेल जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए !

आमतौर पर मैं किताबों की प्रस्तावना नहीं लिखता। इस किताब की प्रस्तावना लिखने के लिए मैं इसलिए सहमत हुआ क्योंकि जॉन ने कुछ साल पहले अपने उस व्याख्यान के जरिए गूगल को एक जबरदस्त उपहार दिया था। ओकेआर ने हमें कई बार दस गुना वृद्धि की ओर ले जाने में मदद की। ओकेआर के चलते ही ‘संसार की सूचनाओं को सुनियोजित करने’ का हमारा बेहद दुःसाहसी मिशन पूरा करने योग्य बना। ओकेआर ने मुझे और हमारी कंपनी के हर सदस्य को सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में सही रास्ते पर रखा और सही समय पर उचित कदम उठाने की ओर अग्रसर किया। मैं सुनिश्चित करना चाहता था कि यह बात आम लोगों तक पहुँचे।

“व्यस्त रहना काफी नहीं है, व्यस्त तो चींटियां भी रहती हैं। सवाल यह है – हम किस लिए व्यस्त हैं?” हेनरी डेविड थोरु
“It is not enough to be busy, so are the ants. The question is: what are we busy about?” Henry David Thoreau

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