Anubhutiyon ke Pushpa : By Ganga Prasad Hindi Book | अनुभूतियों के पुष्प : गंगा प्रसाद द्वारा हिंदी पुस्तक
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अनुभूतियों के पुष्प पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
'अनुभूतियों के पुष्प' नामक यह भाव संग्रह अपने जीवन के तमाम उतार चढ़ाव के साथ घर परिवार एवं समाज में व्याप्त द्वन्द्रों से अभिभूत भावों की विनम्र अभिव्यक्ति है। व्यवस्था के महालों से उपजी उलझनों के बीच हौसलों के साथ आवाहन की मशाल उठाने का संबल जिस परिस्थिति और परिवेश से प्राप्त हुआ है, उसके प्रति श्रद्धावनत हूँ।
ज्ञान दायिनी माँ सरस्वती ईष्टदेव श्री महादेव शिव तथा इस धरा धाम पर प्रकट रूप में जीवन देकर पालन पोषण तथा यथायोग्य कौशल संवर्धन करने वाले माता पिता के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता आभार प्रकट करते हुए विगत वर्षों में अनुभूत भावों को यथारूप उन्हें समर्पित करना चाहता हूँ।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | अनुभूतियों के पुष्प | Anubhutiyon ke Pushpa |
| Author | Gangaprasad |
| Category | Literature Book in Hindi Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 112 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“अपनों में दूसरों की रुचि जगाने का प्रयास कर आप जितने मित्र दस वर्षों में बना सकतें हैं, उससे कहीं अधिक मित्र आप दूसरों में अपनी रुचि दिखा कर एक माह में बना सकते हैं।” ‐ चार्ल्स ऐलन
“You can make more friends in a month by being interested in them than in ten years by trying to get them interested in you.” ‐ Charles Allen
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