औरत के हक़ में : गोपाल नारायण आबटे | Aurat Ke Hak Mein : By Gopal Narayan Awate Hindi Book
औरत के हक़ में पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : मैं इस पुस्तक के प्रकाशन के लिये अपने माता पिता और अपनी पत्नी अमृत का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे इस कार्य को पूर्ण करने में प्रेरणा और शक्ति दी और परिवार के अन्य सदस्यों का भी काफी सहयोग मिला है। उनके बिना यह पुस्तक वैसी नहीं बन सकती भी, जैसी कि यह है।
मैं डॉ. एच. सी. गोयल डॉ. सुवीर, श्रीमती एस. माथुर और कई अन्य सहकर्मियों का भी उनके बहुमूल्य सुझावों के लिये आभारी हूँ इस पुस्तक में कई स्थानों पर विविध स्वोतों से लिये गये विचारों को लिया गया है और मैं उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुये यह खेद व्यक्त करता हूँ यदि व्यक्तिगत रूप से क्रेडिट देने में कोई चूक हुई हो। मैं अपने प्रकाशकों का विशेष रूप से आभारी हूँ जिन्होंने इस पुस्तक में विशेष रुचि ली और उत्तम सहयोग दिया।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | औरत के हक़ में | नारायण आबटे |
| Author | Gopal Narayan Awate |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 136 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“परस्पर आदान-प्रदान के बिना समाज में जीवन का निर्वाह संभव नहीं है।” ‐ सेमुअल जॉन्सन
“Life cannot subsist in a society but by reciprocal concessions.” ‐ Samuel Johnson
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