Malagudi Ka Printar : By R. K. Narayan Hindi Book | मालगुडी का प्रिंटर : आर के नारायण द्वारा हिंदी पुस्तक
मालगुडी का प्रिंटर पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : 10 अक्टूबर 1906 को जन्मे आर. के. नारायण ने पंद्रह उपन्यास, पांच लघु-कथा संग्रह, यात्रा-वृत्तांत आदि लिखे। 1960 में उन्हें उनके उपन्यास ‘गाइड’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ‘मालगुडी की कहानियां, स्वामी और उसके दोस्त’, ‘डार्क रूम’, ‘नागराज को दुनिया’ और ‘इंग्लिश टीचर’ उनकी अन्य जानी-मानी कृतियां हैं। पचानवे बरस तक पाठकों को अपनी रचनाओं से गुदगुदाने के बाद 13 मई, 2001 को उनकी मृत्यु हो गई और उनकी कलम हमेशा के लिए थम गई, लेकिन मालगुडी और उसकी कहानियां आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
मालगुडी आर. के. नारायण का एक प्रिय कल्पना-स्थल है, जिसे उन्होंने अपनी बहुत कहानियों और उपन्यासों का आधार बनाया है और ‘मालगुडी का प्रिन्टर’ भी मालगुडी में स्थित है। दिल को छू लेने वाली दोस्ती के उतार-चढ़ाव और खट्टे-मीठे पलों की बुनियाद पर आधारित है ‘मालगुडी का प्रिन्टर’
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मालगुडी का प्रिंटर | Malagudi Ka Printar |
| Author | R. K. Narayan |
| Category | Literature Book in Hindi Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 204 |
| Download Status | Not for Download |
“उद्यमी अनिवार्य रूप से कल्पनाशील और कार्यान्वित करने वाला होता है। वह कुछ कल्पना कर सकता है, तो जब वह कल्पना करता है तो यह भी साफ देख पाता है कि उसका कार्यान्वयन कैसे हो सकता है।” रॉबर्ट एल श्वार्ज़
“The entrepreneur is essentially a visualizer and an actualizer. He can visualize something, and when he visualizes it he sees exactly how to make it happen.” Robert L. Schwartz
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