जॉर्ज पंचम की नाक : कमलेश्वर | George Pancham Ki Naak : By Kamleshwar Hindi Book
जॉर्ज पंचम की नाक पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : यह बात उस समय की है जब इंग्लैंड की रानी ऐलिज़ाबेथ द्वितीय मय अपने पति के हिन्दुस्तान पधारने वाली थीं। अखबारों में उनके चर्चे हो रहे थे। रोज़ लन्दन के अखबारों से ख़बरें आ रही थीं कि शाही दौरे के लिए कैसी-कैसी तैयारियां हो रही हैं रानी ऐलिज़ाबेथ का दर्ज़ी परेशान था कि हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और नेपाल के दौरे पर रानी कब, क्या पहनेंगी? उनका सेक्रेटरी और शायद जासूस भी उनके पहले ही इस महाद्वीप का तूफानी दौरा करनेवाला था आखिर कोई मज़ाक तो था नहीं। ज़माना चूंकि नया था, फौज-फाटे के साथ निकलने के दिन बीत चुके थे इसलिए फोटोग्राफरों की फौज तैयार हो रही थी”
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | जॉर्ज पंचम की नाक | George Pancham Ki Naak |
| Author | Kamleshwar |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Entertainment Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 88 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हमें न अतीत पर कुढ़ना चाहिए और न ही हमें भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए; विवेकी व्यक्ति केवल वर्तमान क्षण में ही जीते हैं।” ‐ चाणक्य
“We should not fret for what is past, nor should we be anxious about the future; men of discernment deal only with the present moment.” ‐ Chanakya
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