घरेलु चिकित्सा कोश : डॉ .आर .एस अग्रवाल | Gharelu Chikitsa Cosh : BY Dr. R.S. Agrawal Hindi Book
पुस्तक के कुछ अंश : स्तव में इस पुस्तक की योजना इस दृष्टि से बनाई गई है कि ‘पुस्तक महल’ का अपने करोड़ों पाठकों से वा निरंतर संवाद बना रहता है। अतः हमारे सम्पादकीय विभाग में समय-समय पर उनकी संवियों का एकत्रीकरण एवं विश्लेषण चलता रहता है। इसीलिए हम अपने पाठकों की मन पुस्तके प्रकाशित करने के लिए सदा तत्पर रहते हैं। ‘घरेलू चिकित्सा कोश’ की प्रकाशन योजना भी इसी कारण को और अब आपके हाथों में यह महत्वाकांक्षी ग्रंथ मौजूद है।
आज आयुर्वेदिक चिकित्सा को देश में ही नहीं, विश्व भर में मान्यता मिल रही है। इस क्षेत्र में नई-नई खोजें एवं आविष्कार हो रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा भी इसी की सहचरी की तरह है। जड़ी बूटियों फल-सब्जी तथा अनाज- मसालों द्वारा चिकित्सा की असरकारक एवं गुणकारी विधियों की गिनती भी इसी में की जाती है। ये सभी घरेलू इलाज के अंतर्गत मान्य है तथा हानिरहित स्वास्थ्य एवं शक्तिवर्धक है। विधियां सही मायनों में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्तियों को बढ़ाती है तथा उपचार में एक तरह से उसको भरपूर सहायता करती हैं।
हजारों साल से आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार हमारे जीवन में चलता आया है और हमारे व्यवहार में पूरी तरह रच-बस गया है। इसे कभी किसी भी दौर में कम करके नहीं आंका जा सका, बल्कि यह प्रणाली हर तरह से स्थापित होती चली गई। यद्यपि जटिल असाध्य एवं भयानक रोगों जैसे कैंसर एवं कोड़ तथा शल्य चिकित्सा के लिए आज भी एलोपैथों की शरण में ही जाना पड़ता है, लेकिन शेष सभी के लिए आज इस पद्धति को एलोपैथी के बड़े-बड़े विशेषज्ञ भी मान्यता दे रहे हैं। इसी प्रकार होमियोपैथी एवं बायोकैमिक का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। इन प्रणालियों से भी किसी प्रकार की हानि नहीं होती। इनसे इलाज तो थीमा होता है, पर स्वस्थ होने को संभावना प्रबल होती है। इनका भी आज अच्छा प्रचलन है।
इन सभी प्रणालियों को एक जगह इकट्ठा करके इस पुस्तक को एक कोश का रूप दे दिया गया है। ऐसा कोश जिसमें छोटी-बड़ी सभी बीमारियों के इलाज के हजारों-हजार नुस्खे भरे पड़े हैं तथा इससे घर बैठे आसान य हानिरहित तरीकों से इलाज किए जा सकते हैं। इसमें खान-पान परहेज और प्रसिद्ध आयुर्वेदिक कम्पनियों की पेटेंट दवाइयों की सूचियां भी दी गई है तथा एक अध्याय मनोरोगों को लेकर भी दे दिया गया है। ये प्रस्तुतियां इस ग्रंथ की विशेषताएं हैं।
यह पद बात है कि इसे हम कोश इसीलिए कह रहे हैं कि ऐसा सा सम्पूर्ण और बहुउद्देश्यपूर्ण आधुनिक एवं प्रामाणिक ग्रंथ कहीं और नहीं है। इसलिए निश्चित है कि यह आज घर-घर के लिए इतना अधिक उपयोगी है कि इसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी साथ रखा जाएगा।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | घरेलु चिकित्सा कोश | Gharelu Chikitsa Cosh |
| Author | Dr. R.S. Agrawal |
| Category | Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 332 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“वैयक्तिक स्तर पर उदासीनता सामूहिक स्तर पर उन्माद में बदल जाती है।” ‐ डगलस होफ़्स्टेटर
“Apathy at the individual level translates into insanity at the mass level.” ‐ Douglas Hofstadter
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