मैं शायर बदनाम : आनंद बख्शी | Main Shayar Badnam : By Anand Bakshi Hindi Book
मैं शायर बदनाम पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : हिन्दोस्तान को गोतों का मुख कहते हैं। इसीलिए कि यहाँ की अनगिनत जवानों में हर मौके के लिए अनीता है कि अगर ये अनगिन भी होते तो हिन्दोस्तान को गीतों का मुल्क कहलाने के लिए अकेले आनन्द थे। जो बात की कौन-सी यादी है वो अहसास की
कौन-सी है, दोनों की कौन-सी है, वो मोहब्बत व कोन-सा मौसम है और वो जिन्दगी कानसा मोड़ है जहाँ की के बादलों से आनन्द नहीं होती आज के लोक कवि हैं। ये आज के समाज के शर है। ब्रिटिश नेशनल में नहीं हजिट की ही हिन्दोस्तान के बाद के शराब के प्याले और एक बहु मेंक्रोक्री हुई है जो शी येवेन है ऑस्कर वाइट है, शेक्सपीयर है, किस है और यह एक तरफ एक शोकेस में टल्केका हुआ एक पी ‘ल’ भी रखा हुआ है। इससे दो बालों का पता एक तो यह कि वह करती है और दूसरे यह कि उसमें इतना मानवर के साथ पॉल कांटनी की इज्ज़त करने और नहीं। मुझे दुख से कहना पड़ता है कि हमारे बुद्धिजीवियों में यह आत्मविश्वास अभी तक नहीं आया |
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मैं शायर बदनाम | Main Shayar Badnam |
| Author | आनंद बख्शी / Anand Bakshi |
| Category | गीत संग्रह / Geet Sangrah Hindi Books Entertainment Book in Hindi PDF Music Books in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 304 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“पूरा जीवन एक अनुभव है। आप जितने अधिक प्रयोग करते हैं, उतना ही इसे बेहतर बनाते हैं।” राल्फ वाल्डो एमर्सन
“All life is an experiment. The more experiments you make the better.” Ralph Waldo Emerson
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












