मीना कुमारी, दर्द की खुली किताब : नरेन्द्र राजगुरु | Mina Kumari, Dard Ki Khuli Kitab : By Narendra Rajguru Hindi Book
मीना कुमारी, दर्द की खुली किताब पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : नरेन्द्र राजगुरू हिन्दी के पहचाने लेखक हैं। उनकी कितनी ही कहानियों का अन्य भाषाओं में रूपांतरण भी हुआ है। बंबई के प्रसिद्ध पत्र समूह “द टाइम्स ऑफ इंण्डिया” से लम्बे समय तक सम्बन्धित रहने के कारण फिल्मी हस्तियों से उनकी काफी नजदीकियां रही हैं। फिल्मी पत्र पत्रिकाओं में काफी लेख भी प्रकाशित हुए हैं। कहानियों का प्रसारण भी हुआ है। राजस्थान के जोधपुर से बंबई आए तो थे कलाकार बनने और बन गए कहानीकार। कई फिल्मी विभूतियों से इनका अच्छा परिचय रहा था और काफी सारे कलाकारों पर उन्होंने बहुत लिखा भी है। स्व. तीनाकुमारी को इस प्रकार की अभिनय कला और लेखों का जो संकलन हुआ है, उसमें बंबई की सिनेवाणी के संपादक श्री बद्रीपसाद जोशी का सहयोग न होता तो यह दर्द की कहानी अधूरी ही रह जाती। मीनाकुमारी के सभी खास परीचितों के अपने विचार इस आलेख में श्शामिल किये हैं। मीनाजी की दर्द की कहानी में उन सबके सहयोग का लेखक आभारी है। बस केवल फिल्मों की शूटिंग के दौरान ही मिलने का अवसर मिला था। वह भेंट केवल पत्रकार की हैसियत से ही थी।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मीना कुमारी, दर्द की खुली किताब | Mina Kumari, Dard Ki Khuli Kitab |
| Category | Bollywood Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 224 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“जब आप स्थितियों को देखने का अपना नजरिया बदल देते हैं, तो वे स्थितियां जिन्हें आप देखते हैं, बदल जाती हैं।” ‐ वायन डायर
“When you change the way you look at things, the things you look at change.” ‐ Wayne Dyer
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