स्वरयोग : गणेश शंकर | Svarayoga : By Ganesh Shankar Hindi Book
स्वरयोग पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : स्वरयोग एक बहुत प्राचीन विज्ञान है, जिसका संबंध हमारे प्राणिक शरीर की ताल-लय से है। स्वरयोग इस तथ्य पर पर्याप्त प्रकाश डालता है कि श्वास द्वारा किस प्रकार प्राण को नियन्त्रित तथा संचालित किया जा सकता है। स्वरयोग की जानकारी हमें स्वरानुकूल कार्य करना सिखाती है। इसके लिये सर्वप्रथम हमें स्वयं को स्वरयोग में प्रशिक्षित करना होगा, स्वर पर नियंत्रण तथा उसके नियमन की युक्तियाँ जाननी होगी तथा कब क्या लिया जाय, इसका विवेक जागृत करना होगा। इस प्रकार स्वरयोग हमें शरीर मन तथा कार्यों के स्वस्थ सामंजस्य के लक्ष्य की और अग्रसर होने में सहायता पहुँचाता है। स्वरयोग का सार / निचोड़ शून्य स्वर (सुषुम्ना) को दीर्घकाल तक सक्रिय रखना तथा इड़ा-पिंगला के क्रिया-कलापों को कम करना है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | स्वरयोग | Svarayoga |
| Author | गणेश शंकर / Ganesh Shankar |
| Category | शिक्षा / Educational Hindi Books ज्ञानयोग / Gyanyog Hindi Books Health Book in Hindi Meditation Book in Hindi PDF Yoga Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 120 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“हमें यह मानना बन्द कर देना चाहिए कि ऐसा कार्य जिसे पहले कभी नहीं किया गया है, उसे किया ही नहीं जा सकता है।” ‐ डोनाल्ड एम. नेल्सन
“We must stop assuming that a thing which has never been done before probably cannot be done at all.” ‐ Donald M. Nelson
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