दुनिया एक बाजार / Duniya Ek Bazar
पुस्तक का विवरण / Book Details | |
Book Name | दुनिया एक बाजार / Duniya Ek Bazar |
Author | Tarashankar Bandhyopadhyay |
Category | Uncategorized, साहित्य / Literature, साहित्य / Literature, उपन्यास / Novel, कहानी / Story, Kahani |
Language | हिंदी / Hindi |
Pages | 236 |
Quality | Good |
Size | 3 MB |
Download Status | Available |
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पुस्तक का विवरण : मामले में आपसी सुलह हुई। उस सुलह के मुताबिक शिव की आमदनी गुरु की और हाट की आय शिष्य की होती है। हा तरकारी की जो वसूली होती है उसमे गुरु का हिस्सा होता है। एक टोकरी तरकारी वसूल करके उसे शिष्य ही भेज दिया करते। थोड़ी बहुत तरकारी शिवजी पर भी…….
Pustak Ka Vivaran : Mamale mein Aapasi sulah huyi. Us Sulah ke Mutabik shiv ki Aamdani guru ki aur hat ki aay shishy ki hoti hai. Ha Tarkari ki jo vasooli hoti hai usame guru ka hissa hota hai. Ek tokari tarkari vasool karake use shishy hi bhej diya karate. Thodi bahut tarkari shivaji par bhee……..
Description about eBook : There was a mutual reconciliation in the case. According to that reconciliation, Shiva’s income is from the Guru and the Haat is the income of the disciple. Yes, the teacher has a share in the recovery that is done. A basket was collected and sent to disciples. A little bit too on Shivaji…….
“बीमारी की कड़वाहट से व्यक्ति स्वास्थ्य की मधुरता समझ पाता है।” कैतालियाई कहावत
“From the bitterness of disease man learns the sweetness of health.” Catalan Proverb
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