ज्ञानसंकुली तन्त्रम : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – तंत्र मंत्र | Gyansankuli Tantra : Hindi PDF Book – Tantra Mantra

Book Nameज्ञानसंकुली तन्त्रम / Gyansankuli Tantra
Category, ,
Language
Pages 28
Quality Good
Size 2.8 MB
Download Status Available
 चेतावनी– यह पुस्तक केवल शोध कार्य के लिए है| इस पुस्तक से होने वाले परिणाम के लिए आप स्वयं उत्तरदायी होंगे न कि 44Books.com

पुस्तक का विवरण : ज्ञानसंकुली तंत्र लुप्तप्रायः शांभवी तंत्र का एक भाग है । इसकी भी पूर्ण पाण्डुलिपि उपलब्ध नहीं हो सकी है। लुप्तप्रायः शांभवी तन्त्र का नामोल्लेख राजेन्द्रलाल मित्र संग्रहस्थ उत्पत्तितंत्र में प्राप्त होता है । यद्यपि यह तंत्र अपने पूर्ण रूप में शाहजहाँ के समकालिक कवीन्द्राचार्य सरस्वती के संग्रह में उपलब्ध……………

Pustak Ka Vivaran : Gyanasankuli Tantr Luptaprayah Shambhavi Tantra ka ek bhag hai . Isaki bhi purn pandulipi uplabdh nahin ho saki hai. Luptaprayah Shambhavi Tantra ka Namollekh Rajendralal Mitra sangrahasth utpattitantra mein prapt hota hai . Yadyapi yah Tantra apane purn Roop mein shahajahan ke samakalik kaveendrachary sarasvati ke sangrah mein uplabdh……

Description about eBook : The Gnanasankuli system is a part of the endangered Sambhavi system. The full manuscript of this also has not been available. The endangered Shambhavi system is mentioned in the Rajendralal Mitra Collective System. Although this system in its full form is available in Shah Jahan’s contemporary Kavindracharya Saraswati collection …..

“बच्चों को सीख देने का जो श्रेष्ठ तरीका मुझे पता चला है वह यह है कि बच्चों की चाह का पता लगाया जाए और फिर उन्हें वही करने की सलाह दी जाए” ‐ हैरी ट्रूमेन
“I have found the best way to give advice to your children is to find what they want and then advise them to do it.” ‐ Harry Truman

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