महात्मा गान्धिपरक संस्कृत काव्य / Mahatma Gandhiparak Sanskrit Kavya
पुस्तक का विवरण / Book Details | |
Book Name | महात्मा गान्धिपरक संस्कृत काव्य / Mahatma Gandhiparak Sanskrit Kavya |
Author | Dr. Kumud Tandon |
Category | साहित्य / Literature, साहित्य / Literature, काव्य / Poetry, Kavita, Kavita Sangrah, Kavya, Poem |
Language | संस्कृत / Sanskrit, हिंदी / Hindi |
Pages | 403 |
Quality | Good |
Size | 7 MB |
Download Status | Available |
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पुस्तक का विवरण : मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस शोध ग्रन्थ को पढ़कर राष्ट्रनेता और राष्ट्रनागरिक स्वातंत्रयसमर के अद्भुत विजेता लोकनायक, राष्ट्रपिता महात्मागाश्धी द्वारा भारत में परिकल्पित किए गए रामराज्य की स्थापन के स्वप्न को साकार करेंगे; उनके द्वारा व्यवहार में अपनाये गये श्रीकृष्ण के गीतसंदेश जन-जन में पहुचायेंगे, भगवान बुद्ध………
Pustak Ka Vivaran : Mujhe purn vishvas hai ki is shodhagranth ko padhakar rashtraneta aur rashtranagarik svatantrayasamar ke adbhut vijeta lokanayak, rashtrapita mahatmagandhi dvara bharat mein parikalpit kiye gaye Ramarajy ki sthapan ke svapn ko sakar karenge; unake dvara vyavahar mein apanaye gaye shrikrishn ke Geetasandesh jan-jan mein pahuchayenge, bhagvan buddh……….
Description about eBook : I am confident that by reading this thesis, Loknayak, the amazing winner of the national leader and national freedom activist, will realize the dream of the establishment of Ram Rajya in India by the Father of the Nation, Mahatmagandhi; The songs of Shri Krishna adopted by him in practice will be sent to the people, Lord Buddha …….
“एक अच्छी पुस्तक पढ़ने का पता तब चलता है जब उसका आखिरी पृष्ठ पलटते हुए आपका कुछ ऐसा लगे जैसे आपने एक मित्र को खो दिया।” ‐ पॉल स्वीनी
“You know you’ve read a good book when you turn the last page and feel a little as if you have lost a friend.” ‐ Paul Sweeney
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