मेरी हिमाकत : वियोगी हरि द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Meri Himakat : by Viyogi Hari Hindi PDF Book – Social (Samajik)

मेरी हिमाकत : वियोगी हरि द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Meri Himakat : by Viyogi Hari Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name मेरी हिमाकत / Meri Himakat
Author
Category, , ,
Language
Pages 136
Quality Good
Size 3
Download Status Available

मेरी हिमाकत  पीडीऍफ़ पुस्तक का संछिप्त विवरण : मानना पड़ेगा कि तुम सोये हुए को जगा देते हो और जाग्रत को जला देते हो | तुम्हारी ये
दोनों ही क्रियाएँ सुन्दर और भयंकर हैं । तुम्हारे काव्य-जगत में पहुँचकर मनुष्य विकल हो जाता है।
अस्वाभाविक गति से उसका हृदय धड़कने लगता है। आँखों से.

Meri Himakat PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Manana padega ki tum soye huye ko jaga dete ho aur jagrat ko jala dete ho. Tumhari ye donon hi kriyaen sundar aur bhayankar hain . Tumhare kavy-jagat‌ mein Pahunchakar manushy vikal ho jata hai. Asvabhavik gati se usaka hrday dhadakane lagata hai. Aankhon se……….

 

Short Description of Meri Himakat Hindi PDF Book  : You have to believe that you wake the sleeping one and burn the waking one. Both of your actions are beautiful and terrible. Man becomes distressed after reaching your poetry world. His heart starts beating at an unnatural pace. With eyes……….

 

“जब किसी व्यक्ति द्वारा अपने लक्ष्य को इतनी गहराई से चाहा जाता है कि वह उसके लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार होता है, तो उसका जीतना सुनिश्चित होता है।” ‐ नेपोलियन हिल
“When a man really desires a thing so deeply that he is willing to stake his entire future on a single turn of the wheel in order to get it, he is sure to win.” ‐ Napoleon Hill

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